लूणा गांव में रविवार को पानी की बाट जोहते ग्रामीण।
बाप | लूणा में अनियमित व अपर्याप्त जलापूर्ति के चलते पेयजल संकट गहरा गया है। भीषण गर्मी में पानी को लेकर ग्रामीणो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के पालतू व आवारा मवेशियों की पानी के अभाव में हालत खराब है। ग्रामीणों ने बताया कि जल्द ही नियमित व सुचारू जलापूर्ति नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीण राजेंद्र जांगू ने बताया कि लूणा में एक हजार घरों की बस्ती है तथा पशुओं की संख्या भी हजारों में है। विभागीय लापरवाही के चलते लूणा के वाशिंदों को पीने का पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। एक पखवाड़े से शनिवार को कुछ देर के लिए पानी आया था, लेकिन पशु खेळी भी नहीं भर पाई। आमजन सैकड़ों रुपए खर्च कर पानी के टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं। ग्रामीण नारायणसिंह, रूपसिंह, प्रभुराम, उत्तमाराम, कोजाराम, सतुदास आदि ने बताया कि गांव में बना जीएलआर चाखू से जुड़ा हुआ है। चाखू में कार्यरत पंप संचालक जानबूझ कर लूणा की सप्लाई शुरू नहीं कर रहा है। ग्रामीणों ने चाखू में कार्यरत पंप संचालक को हटाने व सुचारू पेयजल आपूर्ति करने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में एक्सईएन खंड फलोदी रामरतन सुथार ने बताया कि लूणा मे शनिवार को 8 घंटे जलापूर्ति की गई थी। लाइन लंबी है। लूणा में नियमित जलापूर्ति की जा रही है। आंधी की वजह से बिजली बाधित होने पर पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो रही है।