बीकानेर के खाजूवाला क्षेत्र के चक छह पीएचएम गांव में पानी की डिग्गी में डूबने से महिला और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एसएचओ विक्रमसिंह चारण ने बताया कि खाजूवाला के चक छह पीएचएम में भंवरलाल बिश्नोई का परिवार रहता है। घर के सामने खेत में डिग्गी बनी हुई है जिसमें 12 फीट पानी भरा है। शनिवार को भंवरलाल की प|ी कमला देवी (38) अपने बच्चों के साथ डिग्गी पर गई थी। आशंका जताई जा रही है कि बाल्टी में पानी भरते समय उसका पैर फिसला और वह डिग्गी में गिर गई। उसे डूबता देख उसकी 12 साल की बेटी पूजा और सात साल की बेटी प्रभा ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन तीनों पानी में डूब गईं। डिग्गी के बाहर छोटी बच्ची ने शोर मचाया तो परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मां-बेटियों को बचाने का प्रयास किया, उन्हें बाहर निकाला और खाजूवाला अस्पताल ले गए। अस्पताल में चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। कमला का पीहर पंजाब के अबोहर जिले में है। उसके पीहरवालों को बुलाया गया है। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ खाजूवाला इस्माइल खां, एसडीएम रमेश देव, तहसीलदार सुरजभान बिश्नोई मौके पर पहुंचे और मुआयना किया।
शिक्षक ने लगाई जान की बाजी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शहीद ओमप्रकाश बिश्नोई राउमावि के शिक्षक विजय बिश्नोई ने पानी की डिग्गी में डूबी मां-बेटियों को बचाने में जान की बाजी लगा दी। मां-बेटियों को डूबता देख परिजन और आसपास के ग्रामीण डिग्गी पर पहुंच गए, लेकिन तैरना नहीं आने के कारण पानी में कूदने की किसी की हिम्मत नहीं हुई। शिक्षक विजय बिश्नोई ने अपनी जान की परवाह न करते हुए डिग्गी में उतरकर मां-बेटियों को बचाने का प्रयास किया। वहां पड़ा बिजली का मोटा तार अपने शरीर पर बांधकर डिग्गी में उतरा और ग्रामीणों के सहयोग से पहले कमला और फिर दोनों बच्चियों को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि उस समय तीनों की सांसें चल रही थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने दम तोड़ दिया।