एसएमएस अस्पताल की कैथ लैब में सोमवार को चूहों के तार कुतरने से हुए शार्ट सर्किट से आग लग गई। गनीमत यह रही कि नर्सिंगकर्मियों की नजर तुरंत आग पर पड़ गई, वर्ना बड़ा हादसा हो सकता था। अाग के बाद लैब में लाए एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के मरीजों को आनन-फानन में बाहर निकाला गया और बिजली कनेक्शन काटा गया। लेकिन इतनी देर में सभी कैथ लैब में धुआं ही धुआं भर गया। मरीजों को अधिक परेशानी होने लगी और उन्हें तुरंत कैथ लैब के बाहर ले जाया गया। यहां डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और टेक्नीशियन मरीजों को संभालते रहे और कुछ स्टाफ इलेक्ट्रिक टेक्नीशियन के साथ शॉर्ट सर्किट को तलाशता रहा। काफी देर बाद पता चला कि लैब में रखे यूपीएस (बिजली गुल होने पर सपोर्टिंग व्यवस्था) के वायर चूहों ने काट दिए। चूहों के इधर-उधर भागने के दौरान वायर भिड़ गए और शॉट सर्किट हो गया। वहीं मामले में विभाग के डॉक्टर्स ने चूहों से निजात के लिए कहा है। मामले के अनुसार सोमवार सुबह करीब 9.45 बजे एक कैथ लैब में यूपीएस में जोर से आवाज हुई और चिंगारियों के साथ आग लग गई। पास मे ही नर्सिंग स्टाफ कक्ष में से दो नर्सिंगकर्मी वहां गए तो वहां चिंगारी की वजह से यूपीएस के तारों में आग लगी देखी। उन्होंने शोर मचाया और सभी को बुलाया। तभी वहां बिजली भी गुल हो गई। डॉक्टर्स ने तुरंत सभी मरीजों को उस लैब से निकाला और इलेक्ट्रीशियन को फोन किया। लेकिन 15-20 मिनट में ही दो कैथ लैब में धुआं ही धुआं भर गया। इस पर एक मरीज को तुरंत तीसरी कैथ लैब में ले जाया गया और वहां सर्जरी की गई।