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डीफार्मा-बायो कैमिस्ट्री के पेपर में चल रही नकल, 10 नकलची पकड़े, केस भी बनाए

3 वर्ष पहले
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पिछोर के मीराबाई विश्वविद्यालय की परीक्षा में पिछोर से 14 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत कचाऊ शासकीय छात्रसाल महाविद्यालय में चल रही डीफार्मा की परीक्षा में 10 नकल प्रकरण बनाए गए हैं। शुक्रवर को डीफार्मा प्रथम वर्ष के बायोकेमिस्ट्री का पेपर चल रहा है। यहां पर भोपाल से आए तीन सदस्यीय दल ने निरीक्षण कर नकल प्रकरण बनाए हैं।

निरीक्षण दल की सूचना पर खिड़कियों से फेंकी पर्चियां

मौके पर टीम के पहुंचते ही परीक्षार्थियों द्वारा नकल पर्चियों को खिड़की व दरवाजों से बाहर फेंकने का कार्य शुरू हो गया था। टीम ने जैसे ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया तो परीक्षा कक्ष के कोने व खिड़कियों के पास बड़ी संख्या में नकल पर्चियों के ढेर लगे हुए थे। जिन्हें जब्त कर नकल कर रहे 10 नकलचियों के नकल प्रकरण बनाए हैं। टीम के परीक्षा केंद्र में पहुंचते ही परीक्षार्थी सहित स्टाफ में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। इसके बाद नकचली भी टीम के सामने गिड़गिड़ाते हुए नजर आए इस परीक्षा केंद्र पर मीराबाई विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को सेंटर बनाया गया था। जिसमें 59 परीक्षार्थी में से 58 छात्र-छात्राएं पेपर हल कर रहे थे।

पिछोर के मीराबाई विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को डी-फार्मा की प्रथम वर्ष की परीक्षा का परीक्षा केंद्र शासकीय छत्रसाल महाविद्यालय में बनाया गया था। जिसमें शुक्रवार को औचक निरीक्षण करने पहुंची राजीव गांधी प्रौद्योगिकी भोपाल की तीन सदस्यीय टीम जिसमें अजय जैन, राजेंद्र गोयल, डॉ सरला वर्मा ने सेंटर का औचक निरीक्षण किया। जिसमें टीम के मौके पर पहुंचे ही छात्र-छात्राओं ने नकल बाहर फैंकना शुरू कर दी। जिसमें से टीम ने 10 छात्रों को रंगे हाथ नकल करते हुए पकड़ लिया। जिनका टीम ने नकल प्रकरण बना लिया है।

छत्रसाल कॉलेज में परीक्षा देते हुए छात्र।

प्रदेश के अलावा हरियाणा व राजस्थान के छात्र देने आए परीक्षा
मीराबाई विश्वविद्यालय के 59 परीक्षार्थियों का डी-फार्मा का प्रथम वर्ष का चौथा पेपर पिछोर के शासकीय छत्रसाल महाविद्यालय में चल रहा था। जिसमें 1 परीक्षार्थी अनुपस्थित था और 58 परीक्षार्थी पेपर दे रहे थे। जिसमें कॉलेज प्रबंधक और परीक्षा केंद्र प्रभारी की सांठगांठ से जमकर परीक्षा में नकल चल रही थी। हालात ये थे कि जो परीक्षार्थी नकल पर्चियों से पेपर हल कर रहे थे। उन्हें जब टीम ने नकल प्रकरण बनाते समय पूछा कि आप किस कॉलेज के छात्र है तो वे अपनी कॉलेज तक का नाम भी नहीं बता सके हैं। जिसमें टीम के सदस्यों ने बताया है कि अधिकांश से ज्यादा छात्र-छात्राएं मप्र के अलावा अन्य प्रदेश जिसमें हरियाणा, राजस्थान सहित अन्य राज्यों के हैं।

परीक्षा दे रहे छात्र कॉलेजों के नाम तक नहीं बता पाए
शासकीय छत्रसाल महाविद्यालय में चल रही डी फार्मा की परीक्षा में इस तरीके से सामूहिक नकल कराकर बच्चों को ये प्रमाण पत्र प्रदान किए जाते हैं कि ये अपनी कॉलेजों के नाम तक नहीं बता पाते हैं और इन्हें मोटी रकम लेकर परीक्षा में सामूहिक तौर पर नकल कराकर ये प्रमाण पत्र प्रदान कर पढ़े लिखे युवाओं के साथ ये छलावा किया जाता है।

नकल कहां से आई पता नहीं
मैंने परीक्षा केंद्र पर पहले ही परीक्षार्थियों को चेक कर नकल की तलाशी ली थी। जिसमें मुझे कोई नकल नहीं मिली न जाने ये नकल परीक्षार्थियों के पास कैसे और कहां से आ गई। केसी पंत, परीक्षा पर्यवेक्षक

10 नकल प्रकरण बनाए हैं

कॉलेज के परीक्षा कक्ष के एक कोने में तथा खिड़कियों के बाहर बड़ी संख्या में नकल पर्चियां मिली है। साथ ही हमने 10 नकल प्रकरण हमने बनाए हैं। अजय जैन, प्रभारी निरीक्षक भोपाल

पूर्व में मैंने सूचना दी थी

पूर्व में दो नकल प्रकरण बनते ही मैंने नकल को रोकने के लिए तथा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए मैंने एसडीएम को फोन कर बताया था। लेकिन अभी तक कोई मौके पर नहीं आया। डॉ.मनोरम पाराशर, प्राचार्य छत्रसाल महाविद्यालय पिछोर

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