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उपप्रधान ने टैंकर बढ़ाने को कहा, एसडीएम का जवाब-आप ऑर्डर न दें मुझे

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | सुनेल (झालावाड़)

भीषण गर्मी के दौर में जहां पेयजल संकट से लोग जूझ रहे हैं, वहीं जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर इस बड़ी समस्या का हल नहीं निकाल बहस में लगे हैं। ऐसा ही एक ऑडियो यहां वायरल हुआ है।

इसमें सुनेल उपप्रधान ममता कंवर और एसडीएम राकेश मीणा की बातचीत है, जो फोन पर टैंकर मंगाने पर आपस में झगड़ रहे हैं। पंचायत समिति सुनेल की उपप्रधान ने पिड़ावा एसडीएम को पानी की समस्या से रूबरू कराया तो एसडीएम भड़क गए और उन्होंने उपप्रधान को कह दिया कि मैडम, आप सही तरीके से बात करें, आपको पता नहीं आप किससे बात कर रही हैं। आप ऑर्डर मत दो मुझे। हालांकि यह बातचीत 7 दिन पुरानी बताई जा रही है।

सुनेल. पानी भरने के लिए लगी महिलाओं की भीड़।

उपप्रधान के गांव में पेयजल संकट: उपप्रधान ममता कुंवर के गांव मालपुरा (कोटड़ा प्रताप)में लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। उपप्रधान ने बताया कि यहां 3 टैंकरों की प्रशासनिक स्वीकृति है, पर एक ही टैंकर आता है। 4 दिन से लोग पेयजल के लिए परेशान हैं।

उपप्रधान ममता कंवर व एसडीएम राकेश मीणा की कॉल रिकॉर्डिंग

उपप्रधान- क्या हुआ सर, आपने टैंकर बढ़वा दिए क्या।

एसडीएम- कहां।

उपप्रधान- वजीरपुरा में

एसडीएम- वहां तो गागरीन का पानी जा रहा है।

उपप्रधान- कहां पहुंच रहा है, नल बंद पड़े हैं, मैंने गागरीन वालों से भी बात की है।

एसडीएम- आज ही मालूम किया है मैंने वहां गागरीन का पानी आ रहा है।

उपप्रधान- पेयजल की अधिक परेशानी है, वहां गागरिन का पानी नहीं पहुंचता है, टैंकरों से व्यवस्था करवाई जाए।

एसडीएम- घर-घर टैंकर नहीं चला पाएंगे।

उपप्रधान- वे लोग क्या करेंगे, जहां पानी नहीं पहुंच रहा है।

एसडीएम- जहां पहुंच रहा है, वहां से पानी भरें, घर-घर में पानी नहीं पहुंचा पाएंगे, पानी की कमी है।

उपप्रधान- हां।

एसडीएम- थोड़ी दूर जाकर पानी ला सकते हैं।

उपप्रधान- मालपुरा गांव में एक ट्यूबवेल बंद है, पानी की समस्या है, यहां टैंकर बढ़वाइए।

एसडीएम- दिखवाते हैं, कल पीएचईडी से बात करते हैं।

उपप्रधान- कल रात को फोन से बात हुई, आज आने का था, पर वो नहीं आए।

एसडीएम- बात कर लेंगे।

उपप्रधान- बात करो आप, दो दिन से लोग परेशान हो रहे हैं।

एसडीएम- मैडम आप सही तरीके से बात कर रही हैं। आपको पता नहीं आप किससे बात कर रही हैं।

उपप्रधान- मैंने आपको गाली नहीं दी है।

एसडीएम- आप ऑर्डर मत दें मुझे।

उपप्रधान- ऑर्डर नहीं दे रहे हैं बात बता रहे हैं।

एसडीएम- आप चलवाओ इसका क्या मतलब है, मेरे को ध्यान नहीं, चलवा दूंगा।

उपप्रधान- मैं तो आपको बता रही हूं।

उपप्रधान

एसडीएम

हमारे क्षेत्र की समस्या के बारे में अधिकारी को नहीं बताएंगे तो किसे बताएंगे। यह बातचीत 8 मई की है। हम जनप्रतिनिधियों के साथ ही अधिकारियों का ऐसा रवैया है तो फिर जनता के साथ कैसा व्यवहार करते होंगे। -ममता कंवर, उपप्रधान, पंचायत समिति सुनेल

अगर अधिकारी ने जनप्रतिनिधि के साथ इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया है तो उनसे बात की जाएगी। अभी मैं सीएम के दौरे को लेकर व्यस्त हूं। -संजय जैन ताऊ ,भाजपा जिलाध्यक्ष

मेरी उप प्रधान ममता कंवर से कोई बात नहीं हुई है। -राकेश मीणा, एसडीएम, पिड़ावा

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