भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं
पेरोल पर आकर फरार होने के बाद झुंझुनूं में पकड़ में आया नौगांवा झज्जर निवासी सतीश खुंडा उर्फ मुंडा शातिर अपराधी है। वह झुंझुनूं में रह कर गैंग ही नहीं चला रहा था बल्कि उत्तर प्रदेश में हथियार लाकर अपने गिरोह के सदस्यों को मुहैया करवाता था। इस गिरोह के निशाने पर चिडा़वा का एक नामी व्यवसायी था जिनसे वह धमकी देकर फिरौती मांगने की तैयारी में था।
हालांकि पुलिस ने इस व्यवसायियों के नाम उजागर नहीं किया है। खुंडा ने दो साल पहले रोहतक जेल से एक व्यापारी को फिरौती के लिए फोन किया था। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों चूरू और झुंझुनूं जिले में सक्रिया तिलोका का बास निवासी मदिया नामक हिस्ट्रीशीटर ने भी जिले के एक नामी व्यक्ति तक फिरौती मांगने की बात पहुंचाई थी जिसे बाद में पुलिस ने जयपुर में पकड़ा था। पुलिस की पूछताछ में खुंडा नित नए राज खोल रहा है। पुलिस को पूछताछ में बताई जानकारी में यह सामने आया है कि पेरोल से छूटने के बाद ही खुंडा ने झुंझुनूं में अपना अड्डा बना लिया था। उसने अपनी गैंग में झुंझुनूं जिले के युवकों को भी शामिल कर लिया। इन युवकों को वारदात के लिए पिस्टल व देशी कट्टे यूपी से लाकर देता था। वारदात के बाद हथियार सतीश खुंडा अपने पास रख लेता था। लूट की राशि में अपना हिस्सा ले लेता था। वहइधर पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है। लूट की वारदात की तस्दीक कराई जा रही है। इस गिरोह के अन्य सदस्य सूरज को पिलानी पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि बुधवार रात को बुहाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान तीन युवकों को पकड़ा था। उनकी निशानदेही पर कोतवाली पुलिस ने सतीश खुंडा व उसके तीन साथियों को सीतसर के नजदीक एक मकान से एक पिस्टल व दो देशी कट्टों समेत गिरफ्तार किया है। एक युवक सूरज भाग गया था। उसकी मोबाइल लोकेशन के आधार पर पिलानी पुलिस ने उसे पिस्टल समेत पकड़ा था।
यह भी हुआ खुलासा
इस गिरोह की माडेस आपरेंटी यह भी है कि गिरोह के सदस्य किसी के जाकर फायरिंग करते, किसी की गाड़ी के आगे गाड़ी लगा कर उसके चालक या मालिक के पास जो कुछ भी होता उसे लूट लेते हैं। किसी व्यवसायी के यहां जाकर फायरिंग करते हैं तथा एक पर्ची पर रकम लिख कर उसे दे देते हैं, ताकि वह डर कर उक्त रकम गिरोह को दे दे।