समर्थन मूल्य 4400 रुपए प्रति क्विंटल पर चना खरीदी व्यवस्थित नहीं हो रही है। चना बेचने में किसानों को परेशानियों का सामना पड़ रहा है। किसानों को चना बेचने के बाद किसान एक-एक हफ्ते तक पावती के लिए इंतजार करना पड़ रहा हैं। भुगतान में विलंब होने की बात भी किसान कर रहे हैं। बताया जाता है सॉफ्टवेयर संबंधी दिक्कतों के कारण किसानों को तत्काल पावती जनरेट होकर नहीं मिल रही है।
देवगांव और तरौन सहकारी समितियां समर्थन मूल्य पर चना खरीदी कर रही हैं। पिछले दिनों तकनीकी कारणों से देवगांव में पंजीकृत किसान तरौन समिति में और तरौन के किसान देवगांव में शिफ्ट हो गए थे। जिससे पिछले दिनों खरीदी प्रभावित रही। जिन किसानों के ज्वाइंट एकाउंट हैं। समिति प्रबंधकों ने 26 मई तक सभी किसानों को एसएमएस छोड़ दिए गए हैं। भुगतान में देरी की प्रमुख वजह यह है कि जब तक चना गोदाम में जमा नहीं होगा तब तक पैसा जारी नहीं होगा। जब तक किसान की पर्ची निकलेगी तब तक चना जमा भी नहीं होगा। इसलिए देरी हो रही है। अब तक करीब 60,000 क्विंटल चना समर्थन मूल्य पर खरीदा जा चुका है। चना बेचने के लिए 3000 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें से करीब 2 हजार किसान चना बेच चुके हैं। अनुमानित 1 लाख क्विंटल चना खरीदी होने की संभावना है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के जिला उपाध्यक्ष श्रीकांत चौधरी ने बताया भुगतान की गति भी धीमी है। चना बेचने के बाद किसानों को पावती नहीं मिल रही है। इसमें साफ्टवेयर संबंधी दिक्कतें बताई जा रही हैं। शासकीय खरीदी होने के कारण किसान को ज्यादा चिंता नहीं है। गौरतलब है कि चना खरीदने के बाद गोदामों में जमा होता है। इसके बाद किसानों को भुगतान जारी होता है। इस मामले में संगठन ने कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया है। किसान मनोहर पटेल ने कहा साफ्टवेयर खरीदी के अनुसार बनवाना था। ताकि सिस्टम से खरीदी होती। 80 क्विंटल चना समिति वाले खरीद रहे हैं। कुछ किसानों का 100 क्विंटल तक का रजिस्ट्रेशन है। बाकी का चना कब खरीदा जाएगा। कृषि उपज मंडी में 1 अप्रैल से अब तक करीब 2 लाख क्विंटल चने की आवक हो चुकी है। इस बार चने की आवक ज्यादा है। पिपरिया और बनखेड़ी की सरकारी खरीदी मिलाकर 70 हजार क्विंटल चने का भंडारण गोदामों में हो चुका है। पिपरिया का करीब 50 हजार क्विंटल चना भंडारित हुआ है। लगभग 10 हजार क्विंटल का परिवहन होकर भंडारण होना है। सहकारी समिति प्रबंधकों के मुताबिक दोनों समितियों से किसानों को करीब 12 करोड़ रुपए का भुगतान जारी हो गया है।