जिले में परिवहन और पुलिस विभाग ने सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया था। इस दौरान परिवहन विभाग ने जिले के तहसील मुख्यालयों में जाकर कार्रवाई की। लेकिन यातायात विभाग की कार्रवाई दोपहिया वाहनों पर तीन यात्रियों, बिना हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस तक सिमट कर रह गई।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे सवारी वाहनों पर जमकर ओवरलोडिंग की जा रही है। प्रदेश में ओवरलोडिंग के कारण कई घटनाएं हो रही हैं। इसके बाद भी छोटे वाहन संचालकों द्वारा वाहनों की छत पर सवारियों को बैठाकर सफर कराया जा रहा है। शहर से विभिन्न गांव की ओर जाने वाले वाहनों को यात्रियों को वाहनों की छत और पीछे लटकाकर सफर कराया जा रहा है। छोटे वाहनों में खतरनाक तरीके से सामान भी ढोया जा रहा है। इससे क्षेत्र में दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ही नहीं शहर में भी चलने वाले सवारी और मालवाहक वाहनों में सवारियों को ठूंस-ठूंस कर भरा जा रहा है। क्षेत्र में चल रहे ऑटो, मैजिक वाहनों में सवारियां ही नहीं सामान भी ढोया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाली बस, मैजिक, ऑटो, ट्रैक्टर ट्रालियों में जमकर ओवरलोडिंग की जा रही है। परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा इन वाहनों पर कार्रवाई नहीं की जाती है। इससे ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति और भी ज्यादा खराब हो रही है।
प्रदेश में ओवरलोडिंग के कारण हो रही हैं घटनाएं। इसके बाद भी छोटे वाहन संचालकों द्वारा वाहनों की छत पर सवारियों को बैठाकर कराया जा रहा है सफर
परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा इन वाहनों पर कार्रवाई नहीं की जाती है
ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे वाहनों में अवैध रूप से ढो रहे सवारियां।
छत पर सामान और पीछे लटकती हैं सवारियां
क्षेत्र में चल रहे मैजिक और ऑटो में वाहन संचालकों द्वारा जमकर ओवरलोडिंग की जा रही है। संचालकों द्वारा इन वाहनों की छत पर सामान लादा जाता है। वहीं वाहन के अंदर और बाहर ठूंस-ठूंस कर सवारियां भरी जाती हैं। इन वाहनों में जितनी सवारियां अंदर बैठाई जाती हैं। वहीं उतनी ही सवारियां को बाहर लटकाकर सफर कराया जाता है। नियमानुसार 7 सीटर मैजिक वाहन में 25 से 30 सवारियां बैठाई जाती हैं। क्षेत्र की सड़कों पर चल रहे इन वाहनों को रोजाना आसानी से देखा जा सकता है।