भारतीय सीमा पर आंतकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए गिरिडीह के लाल पालगंज निवासी सीताराम उपाध्याय के परिजनों से मिल कर रविवार की सुबह बीएसएफ के अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इस दौरान शहीद की प|ी रेशमी को इससे संबंधित कई कागजात भी सौंपें तथा नौकरी एवं मुआवजा को लेकर बात भी हुई।
इस दौरान बीएसएफ के अधिकारी ने कहा कि शहीद की प|ी की नौकरी बीएसएफ में पक्की है। हालांकि परिजनों ने मांग की है कि उनको नौकरी स्थानीय स्तर पर ही दी जाए। कहा कि इसके लिए डीसी से बात की जा रही है। वहीं आश्वासन देते हुए कहा कि वे चौबीस घंटे आपके साथ हैं जब भी जरूरत हो उनसे संपर्क कर सकते हैं। कहा मुआवजा के रूप में एक करोड़ रुपए भी मिलेगी। फिलहाल खर्च के रूप में चौंतीस हजार रुपए नकद दिया गया।
एक सप्ताह के बाद फिर मिलने आएंगे। कहा कि अगर बेटे को नौकरी देना चाहते हैं तो वह भी होगा। लेकिन इसके लिए जब बच्चा बड़ा होगा तब प्रयास करना होगा। इस दौरान ग्रामीण मौजूद रहे। मौके पर रामकिंकर उपाध्याय, राजेश उपाध्याय, सोनु उपाध्याय, बशिष्ठ नेउपाध्याय, केलु महतो आदि उपस्थित थे। बताते चलें कि गुरुवार की देर रात को बीएसएफ-192 बटालियन के कांस्टेबल सीताराम उपाध्याय जम्मू कश्मीर के आएस सेक्टर पूरा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।
परिजनों से मिलते बीएसएफ अधिकारी।
कोडरमा सांसद शहीद के परिजन को देंगे Rs. एक लाख
पीरटांड़ | शहीद सीताराम उपाध्याय के परिजनों से मिल कर कोडरमा सांसद डॉ. रवीन्द्र कुमार राय ने एक लाख रुपए देने की घोषणा की है। बताया गया कि सांसद प्रतिनिधि उनके परिवार को सांसद की ओर से एक लाख रुपए देंगे। कहा जल्द ही परिजनों को एक लाख रुपये सहायता के लिए दी जाएगी। साथ ही उनके प्रतिनिधि ने इस घटना पर दु:ख व्यक्त किया। साथ ही परिजनों को सांत्वना भी दी।