गायों की दुर्दशा पर गुस्साए ग्रामीण, किए बाजार बंद
गोपाल गोशाला में गोवंश की दुर्दशा से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने गोशाला पहुंचकर व्यवस्थापक के खिलाफ रोष जताया। कार्यवाही नहीं होने पर ग्रामीणों ने पूरा बाजार बंद करा दिया। ग्रामीण शुक्रवार सुबह से शाम तक गोशाला के बाहर धरना लगाकर डटे रहे। शाम को रिसीवर नियुक्त होने व व्यवस्थापक हटाने पर मामला शांत हुआ। उसके बाद बाजार खुला।
पीसांगन गोपाल गोशाला में गायों की दुर्दशा व व्यवस्थापक की हठधर्मिता के चलते शुक्रवार को तीन सौ से ज्यादा ग्रामीण लामबंद होकर मुख्य बाजार से होते हुए मेवाड़िया रोड गोपाल गोशाला पहुंचे। गोशाला जाकर व्यवस्थापक सत्यनारायण भरादिया से वार्ता की। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में लावारिस 200 से ज्यादा गायें घूम रही हैं उन्हें ग्रामीणों की मदद से पकड़ रखी है। इसलिए उन गायों को गो शाला में भेजना है। व्यवस्थापक ने पर्याप्त जगह नहीं होने का हवाला देते हुए कहा कि भूतिया ढाणी में 20 बीघा जमीन है उसकी चारदीवारी के बाद गायों को वहां भेजेंगे। इससे ग्रामीण भड़क गए। गो शाला में मौजूद गायों की संख्या जांची तो 35 पाई गई। उनकी दशा भी खराब थी। व्यवस्थापक से गो शाला में दुकानें निर्माण करना, खुद के निवास पर एसी लगवाना, वाहन खरीदना का जवाब मांगा गया। करीब एक घण्टे तक विवाद जारी रहा। माहौल बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और व्यवस्थापक को ले जाने लगी। इस दौरान धक्का मुक्की हुई। गुस्साए ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए वे पुलिस वाहन के आगे खड़े हो गए। माहौल बिगड़ता देख उपखण्ड अधिकारी सुमनदेवी चौधरी, नायब तहसीलदार भंवरलाल भारती, थानाधिकारी कंवरपाल सिंह शेखावत, एएसआई अमरचन्द गौरा, पटवारी रामरतन चौधरी, सरपंच रामचंद्र कुमावत आदि मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की, लेकिन आश्वासन मिलने पर ग्रामीण भड़क गए।
मुख्य बाजार में ग्रामीण निकल गए और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर पूरा बाजार बंद करवा दिया। ग्रामीण पुनः गो शाला के बाहर टेंट लगवाकर धरने पर बैठ गए। वे दिनभर धरने पर डटे रहे। शाम 5 बजे उपखण्ड अधिकारी सुमन देवी चौधरी धरने पर पहुंची और गोपाल गोशाला की चल अंचल सम्पति व रिकाॅर्ड, बैंक सम्बन्धी दस्तावेज पर रिसीवर नियुक्त कर गोपाल गोशाला के ताला लगा दिया। गोशाला में मौजूद 28 गायों व 12 बछड़ों को रामराज्य गो शाला के अध्यक्ष सुवालाल देवतवाला के सुपुर्द कर दिया गया। उसके बाद रिसीवर के साथ कमेटी नियुक्त की गई। इसमें शिवरतन पलोड़, श्रीकिशन शर्मा, लालचन्द प्रजापत, सरपंच रामचन्द्र लम्बा, दिलीप वैष्णव शामिल हैं। पूर्व में ग्राम पंचायत की जमीन पर व्यवस्थापक ने अपनी हठधर्मिता के चलते दुकानें निर्माण कर उन्हें किराए पर दे दी तो ग्राम पंचायत ने उन दुकानों को सीज कर दी लेकिन उसके व्यवस्थापक ने गो शाला अंदर से दुकानों के पीछे दरवाजा निर्माण कर खाली कर दी। रिसीवर ने ताले लगा दिए।
पीसांगन. गो शाला में प्रदर्शन करते तथा ताला लगाती पुलिस व अधिकारी।