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8 सवाल 4 सबसे गंभीर बीमारियों के

3 वर्ष पहले
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1 एस्प्रीन 325एमजी+1 अटरवास्टेटिन 80 एमजी+2 गोलियां क्लोपिटैब 150 एमजी। कीमत- 35 रुपए से कम।

जि न्हें पता हो कि हार्ट अटैक का जोखिम है, उन्हें ये लाइफ सेविंग ड्रग्स हर समय साथ रखना चाहिए। अटैक की स्थिति में इन सभी गोलियों को पानी के साथ खा लेना हैै। इससे आपको तीन घंटे का समय मिल जाएगा। इतना समय अस्पताल तक पहुंचने के लिए काफी है। सीने, में दर्द, गैस की शिकायत, बाएं हाथ, गर्दन, पीठ में दर्द, बेवजह पसीना आना, थोड़ी कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना। अटैक की पहचान है।

किडनी स्वस्थ रखने के लिए क्या घरेलू उपाय हैं?

14 साल तक के बच्चों को रोज 1200 से 1500 मिली पानी पीना चाहिए। इससे ज्यादा उम्र वालों को रोज 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए। कुछ लोग एक ही बार में दिन में एक बार एक लीटर के करीब पानी पी लेते हैं। यह तरीका गलत है।

 किडनी में स्टोन हो लेकिन इससे कोई समस्या नहीं हुई हो तो क्या करना चाहिए?
त कलीफ न हो तो भी स्टोन निकल जाए इसलिए इलाज कराना ही चाहिए। लंबे समय तक स्टोन रहे तो इन्स्टटीयल नेफ्राइटिस पैदा करता है। किडनी में पस पड़ने और किडनी के काम बंद करने की आशंका रहती है।

6 सवाल जो अक्सर सुनाई देते हैं

बच्चों का कोई टीका छूट जाए तो क्या करें?

य दि रोटा वायरस टीके का पहला डोज साढ़े तीन महीने में नहीं लगता है तो फिर इसे नहीं लगवाया जा सकता। बाकी टीकों में ऐसा नहीं है। छह महीने के गैप तक अन्य टीके लगवाए जा सकते हैं।

 आईवीएफ किस उम्र तक कराएंं?
अ गर किसी महिला में मां न बन पाने के कारण किसी तरह की जांच में सामने नहीं आ रहे हों, तो 35 वर्ष की उम्र के बाद भी आईवीएफ कराया जा सकता है। लेकिन अगर जांच में कारण इस उम्र से पहले स्पष्ट हो जाए तो आईवीएफ से इस उम्र के पहले भी मां बनने का फैसला किया जा सकता है।

5 सवाल में समझिए हर बीमारी की वजह है मोटापा और तनाव

 कैसे समझें मोटापा बीमारी हो गया है?
व जन हाइट के अनुसार जितना होना चाहिए उससे 25 किग्रा अधिक है, तो ओबेसिटी है। कमर 36 के ऊपर पहुंच जाए तो कई बीमारियों का खतरा है।

 अक्सर नवजात बच्चों को पीलिया बताते हैं? क्या ये सही है।

आपकी सेहत से जुड़े सबसे अहम 25 सवालों के जवाब
डॉ. नरेश त्रेहन डॉ. जी भक्तवत्सलम, डॉ. मफज़ल लकड़ावाला डॉ. पंकज चतुर्वेदी डॉ. अली ईरानी डॉ. हेमंत चतुर्वेदी डॉ. अजय शर्मा डॉ. विनय तोमर डॉ बलराम शर्मा डॉ. स्वीटी सोनी डॉ. मनीष शर्मा डॉ. प्रांजल मोदी डाॅ. गिरीश परमार डॉ. सुहास बावीकर डॉ. मृणालिनी केलकर डाॅ. आनंद देशमुख डॉ. एचएन दिवाकर डॉ. अशाेक शंकर सिंह डॉ. सोनल आनंद डॉ. मुकेश देसाई।

कु छ बच्चों को पीलिया जन्म के 24 घंटे में हो जाता है। अन्य में दो-तीन दिन बाद। फोटो थेरेपी और अन्य तरह के इलाज से ऐसे बच्चों का इलाज किया जाता है।

 बचपन से अगर किसी का वेट ज्यादा हो तो ?
5 की उम्र से पहले ही ओबेसिटी है, तो यह जेनेटिक हो सकता है। डायबिटीज, हाई ब्ल्डप्रेशर सहित 40 तरह के कैंसर मोटापे के कारण हो सकते हैं।

 क्या लिवर खुद को दोबारा बना लेता है?
हां,डोनेट करने के बाद डोनर का लिवर खुद को दोबारा बना लेता है। लेकिन यह पूरी तरह पुराने शेप में आ ही जाए, यह कहना गलत होगा। आम तौर पर लिवर तीन महीने में पूरा जनरेट हो जाता है।

लिवर सिरोसिस क्या होता है?

लि वर का जरा भी हिस्सा खराब होता है तो वहां घाव हो जाता है। स्वत: घाव भरने के लिए फाइब्रेासिस प्रोसेस होता है। यह खतरनाक है, क्योंकि इसमें लिवर का काफी हिस्सा खराब होता चला जाता है। शुरू में पता चल जाए तो ही इसका इलाज संभव है। बाद में सिर्फ ट्रांसप्लांट ही उपाय है।

 हार्ट डिसीज और हाई ब्लड प्रेशर में क्या संबंध है?
130 तक पहुंचने लगे ब्लड प्रेशर तो रिस्क में रखा जाता है और 150 तक पहुंचने पर हार्ट डिसीज का खतरा डबल हो जाता है। जितना ब्लड प्रेशर हाई, उतना हार्ट डिसीज का खतरा बढ़ता जाएगा।

अगर ओवरी में सिस्ट है तो क्या महिला मां नहीं बन सकतीं?

75 % सिस्ट बिनाइल सिस्ट होते हैं। ये समस्या पैदा नहीं करते। अधिकांश अपने आप खत्म हो जाते हैं। जो बचते हैं मेडिसिन और दवा से उनका इलाज संभव है। पर इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते।

चिकनगुनिया का दर्द कितने समय तक बना रहता है?

बी मारी के ठीक हो जाने के बाद भी दर्द तीन महीने और कुछ मामलों में एक साल तक रह सकता है। हालांकि हल्के व्यायाम (स्ट्रेचिंग) से इससे तेजी से निजात संभव है।

कैसे पता चलेगा कि सामान्य बुखार नहीं डेंगू है?

बु खार 102° से ज्यादा हो, आंखों के पीछे भी दर्द हो, मांसपेशियों में लगातार दर्द हो रहा हो साथ ही शरीर पर रैशेज हो गए हों तो पहले ही दिन डेंगू का टेस्ट करा लेना बेहतर होता है। अगर अन्य लक्षण नहीं हैं लेकिन फिर भी तेज बुखार बना हुआ है तो भी एक-दो दिन के इंतजार के बाद फिजिशियन के पास जरूर जाएं।

कैंसर के सबसे बड़े रिस्क फैक्टर क्या हैं?

भा रत में सबसे ज्यादा कैंसर की वजह तंबाकू है। दूसरे नंबर पर है शराब। तीसरे पर सुपारी, चौथे पर ओबेसिटी (मोटापा)। फिर उसके कुछ और कारण आते हैं। जैसे खान-पान की चीजों में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक, पानी, वायु और मिट्‌टी की वजह से होने वाला प्रदूषण भी कैंसर के रिस्क फैक्टर्स को बढ़ाते हैं।

 क्या ब्रेस्ट कैंसर आनुवांशिक है ?
सि र्फ 10% मामलों में ही ब्रेस्ट कैंसर जेनेटिक कारणों से होने की बात सामने आती है। बाकी मामलों में इसकी पारिवारिक हिस्ट्री नहीं मिलती। इसके अन्य कारण हो सकते हैंं जो अन्य तरह के कैंसर की ही तरह हो सकते हैं।

 तनाव क्यों होता है?
चिं ता में दिमाग कॉर्टिसोल हार्मोन रिलीज करता है। यह ब्लड प्रेशर तथा शुगर बढ़ाता है। लंबे समय तक तनाव मस्तिष्क की कोशिकाओं को प्रभावित करता है, हार्ट अटैक तथा स्ट्रोक का खतरा पैदा करता है।

 इम्यूनिटी कैसे बढ़ाई जा सकती है?
क सरत इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करती है। रोजाना कम से कम 30 मिनट तेज वॉक करें तो फायदा होता है। मन को शांत रखें। गुस्से में बनने वाला हार्मोन इम्यूनिटी को कमजाेर करता है।

6 सवाल 2 रोगों के जिन पर सिर्फ नियंत्रण ही उपाय

 डायबिटीज में इंजेक्शन लेने में हिचक क्यों है?

इ समें हिचकने जैसी बात नहीं है। भोजन पचता है तो अधिकांश हिस्सा ग्लूकोज़ में बदल जाता है। इंसुलिन ग्लूकोज़ को शरीर के सेल्स में ले जाता है, ताकि इसका उपयोग ऊर्जा के रूप में हो। डायबिटीज होने पर पर्याप्त इंसुलिन बन नहीं पाता। इंजेक्शन लेने से शुगर का स्तर सामान्य बना रहता है। इंजेक्शन से डरने की बात नहीं है।

 क्या दुबले लोगों को भी हो सकती है डायबिटीज?
 क्या डायबिटीज आनुवांशिक बीमारी है?
डा यबिटीज हेरीडेटी से होनेवाली बीमारी है। पेरेंट्स में से किसी एक को है तो संतान में होने की संभावना 30% तक है। अगर माता एवं पिता दोनों को है तो आशंका 70 फीसदी तक हो जाती है।

 क्या मीठा खाने से डायबिटीज होती है?
ब हुत ज्यादा मीठा खाने से डायबिटीज नहीं होती। और न ही यह जरूरी है कि जिन्हें डायबिटीज है वे शुगर पूरी तरह बंद कर दें। संतुलित होल ग्रेन, प्रोटीन, हरी सब्जियां, फल और लो फैट फूड लेना चाहिए।

 क्या उम्रभर ब्लड प्रेशर की दवा लेनी ही पड़ती है?
ए क बार हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी हो गई ताे फिर जीवनभर चलती है। दवा लेनी ही पड़ती है। दवा सिर्फ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखती है। इसे ठीक नहीं कर सकती। यही बात डायबिटीज पर भी लागू है।

 कोई ब्लड प्रेशर की दवा लेना भूल जाए तो?
अ गर कोई सुबह का डोज लेना भूल जाए तो वह लंच के समय डोज ले सकता है। लेकिन रात हो जाए तो दवा नहीं लेनी चाहिए। फिर अगले दिन सुबह ही लेनी चाहिए। किसी एक दिन दवा न लेने से सामान्य परिस्थिति में खास फर्क नहीं पड़ता।

दु बले-पतले लोग डायबिटीज का शिकार होते हैं। पेट के आसपास अधिक चर्बी जमा होने से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

 पैरेंट्स की बीमारी क्या बच्चों को होगी ही?
न हीं, ऐसा नहीं है। विकार वाले जीन ट्रांसफर होने के बाद भी हमारी सेहत का सिर्फ 30% ही इनपर निर्भर करता है। बाकी 70% हमारी लाइफस्टाइल पर।

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