पोहरी चौराहे पर ग्राम पंचायत ने जब नहीं ली प्यासे लोगों की सुध, तो गर्मी में प्यासे कंठों को तर करने के लिए समाजसेवी जगदीश गुप्ता निवासी पोहरी ने स्वयं के खर्चे से प्याऊ लगाकर एक अनूठी मिसाल पेश की है। जिससे अब चौराहे पर राहगीरों को अपनी प्यास बुझाने के लिए इधर- उधर नहीं भटकना पड़ेगा। समाजसेवी श्री गुप्त की माने तो उन्होंने प्यासे लोगों को स्वयं के हजारों रुपए खर्चे कर प्याऊ का निर्माण कराया है। साथ ही गर्मियों के मौसम में पोहरी चौराहे पर 10 वर्ष से प्याऊ लगाकर राहगीरों की प्यास बुझा रहे हैं। गुप्ता का कहना है कि ग्रामीणों को पानी के लिए भटकते देख आया था मन में ख्याल और लगा दी लोगों के लिए नि:शुल्क प्याऊ।
नेकी
ग्रापं ने नहीं ली प्यासे लोगों की सुध, तो गर्मी में प्यासे कंठों को तर करने के लिए गुप्ता ने प्याऊ बनाकर पेश की मिसाल
गर्मी में प्याऊ से प्यास बुझाते राहगीर।
ग्राम पंचायत ने नहीं किया पानी का कोई इंतजाम
पोहरी की कृष्णगंज पंचायत में गहराते भीषण पेयजल व सैकड़ों नलकूप खनन करने के बाद भी जब जमीन में पानी नहीं निकला तो पंचायत में पेयजल संकट खड़ा हो गया। जिसमें पंचायत ने भी ज्यादा कोई इंतजाम नहीं किए। ऐसे में जगदीश गुप्ता ने बताया कि मैन चौराहे राहगीरों को पानी के लिए भटक देख उनके प्यासे कंठों तर करने के लिए मैंने मन में ठान लिया की लोगों को प्यासा नहीं रहने दूंगा इसी के चलते मैंने अपने स्वयं के खर्चे प्रदान कर सीमेंट की टंकी का निर्माण कराकर स्थाई प्याऊ बनावा दिया है।
10 वर्ष से पिला रहे है लोगों को पानी
पोहरी के मैन चौराहे पर थाने के सामने ये समाजसेवी 10 वर्ष से लोगों को अस्थाई प्याऊ लगाकर पानी पिलाने का कार्य कर रहे थे। लेकिन इस बार उन्होंने चौराहे पर स्थाई सीमेंट की टंकी बनवाकर प्याऊ का बना दिया है। वहीं उसे स्वयं के व्यय प्रदान कर ट्रैक्टर टैंकर के माध्यम से भरवा देते हैं। जिससे लोग भीषण गर्मी में लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं।