पोकरण (आंचलिक) | शहर के जटाबास स्थित भोमियाजी सभा भवन में पुरूषोतम मास के चलते पिछले छह दिनों से चल रही कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं महिलाओं द्वारा अपने घर का कामकाज समय से पूर्व निपटाकर कथा स्थल पर पहुंचते दिखाई दे रहे है। कथा चलने से शहर सहित आस-पास क्षेत्र का वातावरण धार्मिक हो गया है। कथा शुरू होने से पहले ही श्रद्धालुओं को आना-जाना शुरू हो जाता है। श्रद्धालुओं द्वारा मंगल गीत गाते पहुंचते दिखाई दे रहे है। कथा में प्रवचन देते रामस्नेही संत माणकराम ने कहा कि मनुष्य को सुधरना व बिगड़ना मनुष्य की सोच व स्वभाव है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को हमेशा सही सोच रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति सही सोच नहीं रखता है उन्हें भगवान भी माफ नहीं करता है। सही सोच रखने वाला मनुष्य आगे बढ़ता है। महाराज ने कहा कि हमेशा मनुष्यों को अपने परिवार के साथ-साथ अन्य लोगों के प्रति सही सोच रखनी चाहिए।