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आठ साल पहले उपखंड बना भणियाणा पर आज भी यहां प्रशासनिक सुविधाएं नहीं

3 वर्ष पहले
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गहलोत सरकार में भणियाणा को उपखण्ड मुख्यालय का दर्जा मिला। उपखंड मुख्यालय का दर्जा मिलने के साथ ही उपखंड क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी की लहर छा गई थी। लेकिन नाम के उपखंड मुख्यालय पर न तो उपखंड अधिकारी की व्यवस्था थी और न ही तहसीलदार की। इसके साथ ही पुलिस थाना भी नहीं था। इसके साथ ही भणियाणा उपखण्ड की घनी आबादी को देखते हुए पुलिस ने वहां पर पुलिस चौकी भी स्थापित की। उपखंड मुख्यालय भणियाणा को उपखंड बने लगभग आठ वर्ष से अधिक का समय हो गया है। लेकिन अभी तक उपखंड मुख्यालय पर बनी पुलिस चौकी को अभी तक पुलिस थाना नहीं बनाया गया है। इके चलते भणियाणा क्षेत्र के लोगों को छोटी मोटी आपराधिक गतिविधि हो या कोई अवांछनीय गतिविधि उन्हें पोकरण पुलिस थाना का चक्कर लगाना पड़ता है। वहीं भणियाणा क्षेत्र के लोगों के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार के संबंध में स्थानीय लोगों द्वारा कई बार लिखित में अधिकारियों को सूचित किया गया है। लेकिन अभी तक स्थानीय लोगों की समस्या को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिसके चलते अवांछनीय गतिविधियों से परेशान लोगों को अपना मुकदमा दर्ज करवाने के लिए भी 40 किलोमीटर दूर पोकरण आना पड़ता है।

पोकरण से 40 किमी. दूर है भणियाणा उपखंड फिर भी पुलिस थाना नहीं, रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए जाना पड़ता है पोकरण
भणियाणा में सुविधाओं का अभाव, ग्रामीणों ने लगाए भेदभाव के आराेप
24 ग्राम पंचायत आते हैं उपखंड मुख्यालय में
पोकरण के साथ साथ बड़े भूभाग में फैले उपखंड भणियाणा में 24 ग्राम पंचायत तथा 175 राजस्व गांव आते हैं। इसके साथ ही छितरी हुई आबादी में फैले होने के कारण यहां पर आपराधिक गतिविधियां भी बढ़ गई है। मात्र पुलिस चौकी होने के कारण यहां पर उसी अनुपात में पुलिसकर्मी तैनात है। जिसके कारण छोटी मोटी वारदात के दौरान मौके पर समय पर पहुंच पाना भी मुश्किल हो जाता है।

अतिसंवेदनशील क्षेत्र, फिर भी पुलिस थाना नहीं
उपखण्ड मुख्यालय भणियाणा अतिसंवेदनशील साबित हो रहा है। पूर्व में बस रूट विवाद को लेकर भणियाणा उपखंड मुख्यालय पर बसों में तोड़फोड़ से लेकर बसों में आग लगाने के साथ साथ विवाद और मारपीट के कई मामले हो चुके हैं। इस कारण भणियाणा को अतिसंवेदनशील माना जाता है। लेकिन उसके बाद भी पुलिस प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।

पोकरण. उपखण्ड मुख्यालय भणियाणा पर स्थित पुलिस चौकी

पुलिस के अधिकारियों द्वारा इन दिनों भणियाणा उपखंड के ग्रामीणों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। यह बात मात्र इससे ही स्पष्ट हो जाती है कि पोकरण पुलिस थाना के सबसे नजदीक ग्राम पंचायत रामदेवरा में स्थित पुलिस थाना है। जिसकी पोकरण से दूरी महज 12 किलोमीटर है। लेकिन उसके बाद भी 40 किलोमीटर दूर भणियाणा उपखंड मुख्यालय पर पुलिस चौकी ग्रामीणों के साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार का स्पष्ट उदाहरण है। उपखंड मुख्यालय होने के बाद भी भणियाणा में मात्र पुलिस चौकी होने के कारण स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

भणियाणा उपखंड मुख्यालय पर पुलिस विभाग द्वारा पुलिस चौकी बनाई है। उपखंड मुख्यालय होने पर भी पुलिस द्वारा थाना नहीं बनाया गया है। जिसके कारण ग्रामीणों को मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पोकरण जाना पड़ता है। एडवोकेट अहसान मेहर, ग्रामीण

उपखंड मुख्यालय होने के बाद भी भणियाणा में पुलिस चौकी बनी हुई है। वहीं अन्य स्थानों पर पुलिस थाना है। जिसके कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। महेश कड़वासरा, ग्रामीण

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