क्षेत्र के पुलिस थाना सांकड़ा में रुपए लेने के बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं करने के मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार चैनसिंह पुत्र तगसिंह निवासी सनावड़ा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि 4 सितंबर 2017 को तगसिंह पुत्र सूरत सिंह निवासी सनावड़ा से उसकी खातेदारी जमीन खेत खसरा संख्या 406/673 रकबा 15 बीघा संपूर्ण भूमि खरीद की थी। इसकी राशि 4 लाख 50 हजार रुपए तगसिंह पुत्र सूरत सिंह को सनावड़ा गांव में ही दिए थे। इस भूमि की रजिस्ट्री करवाने के लिए मेरे पुत्र कूंपसिंह को दो पुत्र वधुओं के साथ पोकरण भेजा था। तगसिंह के कहने पर 1 लाख 47 हजार रुपए के स्टांप ड्यूटी खरीद कर इस भूमि की रजिस्ट्री उप पंजीयक कार्यालय पोकरण में लिखवाई तथा तगसिंह ने अपने फोटो, पहचान पत्र आदि भी दिए, लेकिन रजिस्ट्री पेश करने से पहले तगसिंह के मन में खोट आ गई और वह धोखा देकर अपने दोनों पुत्र भोमसिंह और सवाईसिंह के साथ पोकरण से सनावड़ा भाग गया। इस पर मैने गांव के मौजीज व्यक्तियों को एकत्रित किया। लोगों के समक्ष तगसिंह ने 1 लाख रुपए और लेने की मांग की। जिस पर चैनसिंह ने उन्हें मौजीज लोगों के समक्ष रुपए दिए। रुपए लेने के बाद भी तगसिंह ने रजिस्ट्री नहीं करवाई और वहां से चला गया। प्रार्थी द्वारा वापस रजिस्ट्री की मांग करने पर तगसिंह ने रजिस्ट्री करवाने से मना कर दिया। इस पर प्रार्थी ने पुलिस थाना सांकड़ा में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने इस संबंध में धारा संख्या 406, 420 के तहत मामला दर्ज कर तगसिंह और उसके पुत्र भोमसिंह व सवाईसिंह को गिरफ्तार किया। वहीं उन्हें सोमवार को न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें एक दिन से पीसी रिमांड पर लिया गया।