पोकरण शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगरपालिका द्वारा इन दिनों जगह जगह लाखों रुपए की लागत से बने सीमेंटेड शौचालय लगाए गए थे। लेकिन रविवार को नगरपालिका द्वारा इन लगाए गए शौचालयों को हटाकर अन्य जगहों पर विस्थापित किया जा रहा है। जिसके चलते स्थानीय लोगों के साथ साथ दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगरपालिका द्वारा स्थापित करने के बाद में इन शौचालयों को शुरू कर आमजन को राहत पहुंचाना तो दूर की बात नगरपालिका इन दिनों इन शौचालयों को अन्य स्थानों पर स्थापित किया जा रहा है। ऐसे में नगरपालिका द्वारा शौचालयों को अन्यत्र जगहों पर विस्थापित करना शहरवासियों में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।
शौचालयों को शुरू करने के बजाय पालिका अन्य जगहों पर ले जा रहे हैं शौचालय
लाखों के शौचालय बने हुए हैं मात्र डमी
नगरपालिका द्वारा शहर में विभिन्न स्थानों पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत सीमेंटेड शौचालयों का निर्माण करवाकर लगाए थे। इन शौचालयों को लगाने के साथ ही लोगों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन पालिका ने इन शौचालयों को आमजन के लिए शुरू नहीं किया था। ताले में कैद यह शौचालय पांच माह तक शहर के विभिन्न स्थानों पर खड़े रहे। वहीं दूसरी ओर पालिका प्रशासन द्वारा इन शौचालयों को जल्द ही शुरू करने का आश्वासन दिया जा रहा था। लेकिन हाल ही में पालिका ने इन शौचालयों को शुरू करने की बजाय इन्हें अन्य जगहों पर लगा रही है और जिन स्थानों पर यह शौचालय लगे हैं वह मात्र डमी बने हुए हैं। इन शौचालयों का किसी को भी कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सुभाष चौक से हटाए शौचालयों से आमजन में रोष
बाबा रामदेव के गुरू बालीनाथ के दर्शन करने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पोकरण आते हैं। सभी श्रद्धालु अपने वाहनों को सुभाष चौक में खड़े कर बालीनाथ धुणे पर दर्शन करने के लिए आते हैं। ऐसे में नगरपालिका द्वारा लगाए गए इन शौचालयों का आमजन को लाभ पहुंचता था। खासकर महिलाओं को इस शौचालय का लाभ मिलता था। लेकिन हाल ही में नगरपालिका द्वारा सुभाष चौक से शौचालय को हटाकर अन्यत्र स्थापित करने से स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है।