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पहाड़गढ़ के 12 से अधिक आदिवासी गांवों में गहराई पेयजल समस्या

3 वर्ष पहले
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जल स्तर गिरने से हैंडपंपों ने पानी देना छोड़ा, वहीं कुएं सूख गए

भास्कर संवाददाता | पहाड़गढ़

गर्मी का मौसम शुरू होते ही जंगल क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव में पेयजल का संकट गहरा गया है। क्योंकि जल स्तर गिरने से हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है तथा कुओं न नदी, नाले भी सूख गए हैं। ऐसे में आदिवासियों को दो से तीन किलोमीटर दूर खेतों में स्थित ट्यूबवेलों से पानी का परिवहन करना पड़ रहा है। पानी की समस्या से मवेशियों की जान को आफत है। कई लोग को अपनी मवेशियों को लेकर चंबल नदी के क्षेत्र में पलायन कर गए हैं। हैरानी इस बात की है कि पानी की समस्या से परेशान ग्रामीण सरपंचों के नेतृत्व में पीएचई व जनपद कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। वर्तमान में जिन गांव में पानी की समस्या सबसे अधिक गहराई हुई है उनमें बानमोर, चांचुल, गर्जा, गैतोली, धौंधा, जड़ेरु, मानपुर, निचली बहराई, मरा, ठेरि, हीरामन, रकेरा, आरेठी, कन्हार, पालि, झिर्निया आदि गांव के नाम शामिल है। वहीं पहाड़गढ के जनपद सीईओ अरविंद शर्मा का कहनाहै कि पानी की समस्या से प्रभावित गांव की सूची तैयार कराई जा रही है। इसके बाद हैंडपंपों में पाइप बढ़वाए जाएंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों को परिवहन के जरिए पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई जाएगी।

बस स्टैंड का हैडपंप खराब, पानी को भटक रहे यात्री

पोरसा
| डोंडरी बस स्टैंड पर लगा हैंडपंप लंबे समय खराब पड़ा है। इस हाल में यहां से सफर करने वाले यात्रियों को गर्मी भरे मौसम में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। पीएचई अधिकारियों ने जब शिकायत के बाद नहीं सुनी तो बस स्टड के समीप रहने वाले लोगों ने स्वयं के स्तर पर भी हैंडपंप को दुरुस्त कराने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों ने अंबाह एसडीएम सहित जिला प्रशासन से इस दिशा में ठोस कार्रवाई करने की मांग की है।

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