श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हाथीबिंदा पंचायत के कोकदा स्थित कालेश्वर शिव मंदिर में मूलभूत सुविधाओं के नहीं होने से ग्रामीण और भक्तों में नाराजगी है। सैकड़ों वर्ष पुराने इस मंदिर के विकास पर सरकार का ध्यान अब तक नहीं गया है। सरकार पर्यटक स्थलों को विकसित करने में करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। जमशेदपुर से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर सरकारी उपेक्षा का शिकार है। भक्तों के लिए यहां किसी तरह की सरकारी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। यहां मुख्य रूप से पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था, महिलाओं के लिए शौचालय, विद्युतीकरण, सड़क आदि भी नहीं है। बरसात के दिनों में मंदिर परिसर में भक्तों को काफी परेशानी होती है। सरकार गांव-गांव में विद्युतीकरण का कार्य कर रही है, लेकिन इस ओर सरकार का ध्यान नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार पोटका विधायक मेनका सरदार ने पिछले साल ही यहां बिजली देने के लिए ग्रामीणों से वादा की थीं, लेकिन अभी तक बिजली नहीं पहुंची है।
व्यवस्था
सैकड़ों वर्ष पुराने मंदिर में दूर-दराज से आते हैं भक्त, पीने के लिए शुद्ध पानी की भी व्यवस्था नहीं
कालेश्वर शिव मंदिर में जुटे भक्त ।
विधायक फंड से बना है भवन, पंखे भी लगे हैं, बिजली के बिना सब बेकार
विधायक फंड से यहां भवन का निर्माण कराया गया है। पंखे भी लगाए गए हैं, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण सब बेकार है। यहां वर्तमान में श्रद्धालुओं की रोजाना काफी भीड़ लगती है। विशेष कर महाशिवरात्रि, श्रावण मास, भोक्ता पूजा में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस दौरान हजारों की संख्या में दूर-दराज से लोग पूजा करने के लिए आते हैं। जिसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा रहती है। शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गिरिधारी भकत, प्रसन्न बोस,बजरंगी बाबा,सोइलेन पात्रो, गणेश सिंह, नीलकमल मुंडा, सुरेंद्र मुंडा, खोकेन दत्ता, छोटे लाल गुप्ता, दिनेश भकत सहित अन्य ग्रामीणों ने मंदिर में हर सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।