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स्वार्थ को सिद्ध के लिए समुदायों को आपस में लड़वा रहे हैं लोग

3 वर्ष पहले
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बालयोगी स्वामी उमेशनाथ महाराज पीठाधीश्वर वाल्मीकि धाम उज्जैन के मुख्य अातिथ्य में भगौरों का खेड़ा में सत्संग हुआ। इसमें बड़ी तादाद में साधू संत, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल हुए। सत्संग के दौरान उज्जैन पीठाधीश्वर उमेशनाथ महाराज ने अभी हाल ही में हुए आंदोलन को लेकर कहा कि लोग अपने स्वार्थ सिद्ध करने के लिए आपस में लड़वा रहे हैं।

धर्म रक्षा के लिए मिलकर काम करें समुदाय
उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए सभी समुदायाें को मिल कर रहना होगा। रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की थी, जो एक आदिवासी थे। इसके साथ ही माता सीता को भी उन्होंने अपनी पुत्री बनाकर अपने पास अाश्रम में रखा था। उन्होंने कहा कि शबरी की भगवान के प्रति भक्ति को देखते हुए भगवान राम ने उनके झूठे बेर खाए थे। पीठाधीश्वर उमेशनाथ ने कहा कि सड़क किनारे कचरा बीनने से भारत स्वच्छ नहीं होगा। बल्कि सभी भारतीयों को सभी धर्म के लोगों को सद्भावना के साथ रहने और अपने दिमाग में भरी गंदगी बाहर निकाल फेंकने से ही स्वच्छ भारत का निर्माण हो सकेगा।

इस दौरान पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया, पूर्व संसदीय सचिव नानालाल निनामा, घाटोल प्रधान हरेंद्र निनामा, पीपलखूंट प्रधान अर्जुनलाल निनामा, प्रतापगढ़ कांग्रेस उपाध्यक्ष राधेश्याम बुज, जिला परिषद सदस्य महावीर पुरी राठौड़, बांसवाड़ा जिला प्रमुख रेशम मालवीया सहित कई जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद थे।

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