वन विश्रामागार में शुक्रवार को शिविर आयोजित कर 30 प्रशिक्षुओं के बीच किट का वितरण किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में डीएसओ आरएन मिश्रा उपस्थित थे। ज्ञात हो कि वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा बांस हस्त शिल्प में कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण आयोजित कराया था। लेकिन यह प्रशिक्षण ठीक से नहीं ं चल पाया। प्रशिक्षण के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई। यह प्रशिक्षण दो सत्रों में चलना था। पहला सत्र किसी तरह से चला। इसमें भी बहुत कम लोग शामिल हुए। दूसरे चरण का प्रशिक्षण तो चला ही नहीं। इसमें प्रशिक्षणार्थी ही नहीं आए थे। लेकिन इस दूसरे सत्र में प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति दिखाई गई। इस तरह से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षुओं को 4500 का किट दिया गया है। यही नहीं प्रशिक्षण को पूरा हुआ दिखलाने के लिए एक ही घर से दो से तीन सदस्यों को किट बैग दिया गया है। प्रशिक्षुओं से पूछने पर कुछ प्रशिक्षुओं ने बताया कि हमारा नाम दे दिया गया था। हम केवल किट लेने के लिए यहां आये हैं। इस संबंध में जन समाधान फाउंडेशन हरमू रांची के प्रशिक्षक बैजनाथ महतो का कहना है कि इस प्रशिक्षण में अनियमितता बरती गई है। मैंने वरीय पदाधिकारी का आदेश का पालन किया है। वही वन क्षेत्र पदाधिकारी राजबल्लभ पासवान का कहना है कि जो प्रतिभागी आए वह सीखे जो नहीं आए उसको हम क्या कर सकते हैं।