ओरछा में बेतवा और जामनी नदी पर पुल का काम बारिश बाद शुरु होने की उम्मीद है। एक-दो दिन में टेंडर प्रक्रिया शुरु होगी। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि दोनों पुलों के निर्माण में करीब 45 करोड़ की लागत आएगी। अभी जो पुल हैं, वह बेहद संकरे हैं और ऊंचाई भी कम है। इन्हें राजशाही दौर में बनाया गया था, उस वक्त आवागमन बहुत कम था।
बारिश के मौसम में नदियों के उफान पर आ जाने से दोनों पुल पूरी तरह से जलमग्न हो जाते हैं। जिला प्रशासन बारिश के तीन महीने तक पुलों पर से आवागमन प्रतिबंधित कर देता है। हर साल 15 जून से 15 सितंबर तक पृथ्वीपुर-ओरछा रोड बंद कर दिया जाता है। इस कारण वाहनों को बाया निवाड़ी होकर निकाला जाता है। बेतवा और जामनी नदी के दोनों ओर पट्टी बना दी जाती है।
पहले भी दो बार हो चुकी है टेंडर प्रक्रिया : बेतवा और जामनी नदी पर पुल बनाने का सिलसिला पहले भी शुरु किया गया था। एमपीआरडीसी ने जोरशोर से तैयारियां कर ली थी। इसके लिए दो बार टेंडर प्रक्रिया कराई गई। पहली बार एग्रीमेंट के बाद हैदराबाद की सौभाग्य कंट्रक्शन कंपनी ने काम शुरु कर दिया था, लेकिन एक महीने बाद ही कंपनी काम छोड़कर चली गई। दूसरी बार जिस कंपनी के नाम टेंडर हुआ, उसने विभाग से फायनेशियल एग्रीमेंट ही नहीं कराया। इसके बाद पिछले एक साल से विभाग सुस्त था।
100 साल पुराने हाे चुके हैं पुल
भास्कर संवाददाता | टीकमगढ़
ओरछा में बेतवा और जामनी नदी पर पुल का काम बारिश बाद शुरु होने की उम्मीद है। एक-दो दिन में टेंडर प्रक्रिया शुरु होगी। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि दोनों पुलों के निर्माण में करीब 45 करोड़ की लागत आएगी। अभी जो पुल हैं, वह बेहद संकरे हैं और ऊंचाई भी कम है। इन्हें राजशाही दौर में बनाया गया था, उस वक्त आवागमन बहुत कम था।
बारिश के मौसम में नदियों के उफान पर आ जाने से दोनों पुल पूरी तरह से जलमग्न हो जाते हैं। जिला प्रशासन बारिश के तीन महीने तक पुलों पर से आवागमन प्रतिबंधित कर देता है। हर साल 15 जून से 15 सितंबर तक पृथ्वीपुर-ओरछा रोड बंद कर दिया जाता है। इस कारण वाहनों को बाया निवाड़ी होकर निकाला जाता है। बेतवा और जामनी नदी के दोनों ओर पट्टी बना दी जाती है।
पहले भी दो बार हो चुकी है टेंडर प्रक्रिया : बेतवा और जामनी नदी पर पुल बनाने का सिलसिला पहले भी शुरु किया गया था। एमपीआरडीसी ने जोरशोर से तैयारियां कर ली थी। इसके लिए दो बार टेंडर प्रक्रिया कराई गई। पहली बार एग्रीमेंट के बाद हैदराबाद की सौभाग्य कंट्रक्शन कंपनी ने काम शुरु कर दिया था, लेकिन एक महीने बाद ही कंपनी काम छोड़कर चली गई। दूसरी बार जिस कंपनी के नाम टेंडर हुआ, उसने विभाग से फायनेशियल एग्रीमेंट ही नहीं कराया। इसके बाद पिछले एक साल से विभाग सुस्त था।
जामनी-बेतवा नदी पर पुल के साथ 9 किलोमीटर लंबी सड़क भी बनना है प्रस्तावित
दोनों पुलों के निर्माण में करीब 45 करोड़ रुपए की आएगी लागत
दोनों पुल सौ साल पुराने हो चुके हैं। फिर भी मजबूती के आगे उनका कोई मुकाबला नहीं है। जामनी-बेतवा नदी पर पुल के साथ 9 किलोमीटर लंबी सड़क भी बनना प्रस्तावित है। सड़क चंद्रपुरा वन चौकी से ओरछा तक बनाई जाएगी। वर्तमान में सड़क संकरी होने से वाहनों की क्रासिंग में दिक्कत होती है। बारिश के पहले लोक निर्माण विभाग सड़क की रिपेयिरिंग करा देता है।
बजट में शामिल होते ही हलचल तेज हुई
इस बार मप्र सरकार ने बजट में दोनों पुल को शामिल कर लिया। इसके बाद से पुल निर्माण को लेकर हलचल तेज हो गई। लोगों ने भी राहत की सांस ली। बजट के पहले निवाड़ी विधायक अनिल जैन ने कई बार मुख्यमंत्री से चर्चा की। इसके बाद इसे बजट में शामिल किया गया।