बिजली निगम की कार्यप्रणाली को लेकर किसानों ने भाकियू नेता भूराराम के नेतृत्व में एसडीओ कार्यालय के सामने नारेबाजी की। अनेक किसान बिजली से संबंधित अपनी मांगों को लेकर कार्यालय में आए थे।
किसानों की समस्याओं को लेकर भूराराम ने कहा कि विभाग द्वारा बिजली आने व जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। बेवजह लगाए जाने वाले कटों से किसान परेशान हो चुके हैं। धान रोपाई के सीजन को देखते हुए किसानों को अब पर्याप्त बिजली चाहिए लेकिन अब आलम यह है कि खेती लाइट आती है तो किसान गांव से खेत की तरफ दौड़ता है, खेत में पहुंचता है तो लाइट चली भी जाती है। निगम ने अगर बिजली कटौती करना बंद नहीं किया तो भाकियू बिजली अधिकारियों का घेराव करेगी। किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर पूरे देश में पहली बार 1 से 10 जून तक राष्ट्रीय किसान महासंघ के बैनर तले हड़ताल करेंगे। इस दौरान किसान पैदा कि गई सब्जियां, दूध व अन्य समान शहरों में ना तो बेचने जाएंगे और न ही कुछ समान खरीद करेंगे। इसमें देश के सभी किसान संगठन भाग लेंगे। किसान महासंघ की 3 प्रमुख मांगे है फसलों का लाभकारी मूल्य, संपूर्ण कर्जा मुक्ति व किसानों की सुनिश्चित आय निर्धारित हो। किसान संगठन कमेटियां बनाकर इस बंद में भाग लेने के लिए गांव-गांव में किसानों को आह्वान करेगा। इस मौके पर किसान जितेंद्र मुंदड़ी, श्रीचंद फतेहपुर, कृष्ण पूंडरी, मलकीत पूंडरी, रामकुमार पबनावा, रणधीर खेड़ी सिकंदर, रणधीर बरसाना, सतपाल पूंडरी व जसबीर पूंडरी भी मौजूद रहेेे।
विभाग के एसडीओ दलबीर सिंह ने बताया अगर पीछे से कोई सिस्टम में ही दिक्कत आ जाए तो लाइट बंद हो जाती है, अन्यथा यहां से बिजली कट नहीं लगाए जाते हैं। खराब व जले हुए ट्रांसफार्मर बिना रोक-टोक के बदले जा रहे हैं, कई बार स्टोर में सामान उपलब्ध नहीं होने पर कुछ समय अवश्य लग जाता है। फिर भी उनका हमेशा यही प्रयास रहता है कि उनके डिविजन में किसी भी उपभोक्ता को विभाग की तरफ से कोई परेशानी न आए।
पंूडरी | बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते किसान।