प्रजापति एवं भृगुवंशी ब्राह्मण समाज के 69 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे
पुष्कर|तीर्थ नगरी पुष्कर में अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में प्रजापति समाज व भृगुवंशी ब्राह्मण समाज के अलग-अलग जगह सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किए गए। जिसमें दोनों समाजों के 69 जोड़े वैदिक मंत्रोचारण के बीच परिणय सूत्र में बंधे। सम्मेलन में वर-वधु पक्ष के अलावा नव-नव दंपतियों को आशीर्वाद देने के लिए बड़ी संख्या में समाजबंधु उमड़े।
प्रजापत समाज-अखिल भारतीय श्री यादेमाता प्रजापति सेवा समिति की ओर से पुष्कर में समाज का 6वां सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया। प्रतिवर्ष की भांति आयोजित इस सम्मेलन में समाज के 43 युवक-युवतियों का धूमधाम से ब्याह किया गया। तय कार्यक्रम के मुताबिक अल सुबह वर-वधुओं की ई-रिक्शा में बैठा कर शहर में बिंदौली निकाली गई। बारात विभिन्न मार्गो से गुजरती हुई ब्रह्मा मंदिर के पीछे स्थित गुर्जर भवन पहुंची। जहां बारात स्वागत, सासू आरती के बाद तोरण व वरमाला की रस्म हुई। सामूहिक पाणिग्रहण संस्कार का आयोजन किया गया, जिसमें सभी 43 युवक-युवतियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच अग्नि के समक्ष 7 फेरे लिए।
दोपहर को संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत, पालिकाध्यक्ष कमल पाठक, भाजपा की प्रदेश संगठन मंत्री सरोज प्रजापति, पालिका उपाध्यक्ष मुकेश कुमावत, नागौर भाजपा ओबीसी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राजाराम, संत अनुराग ज्योति व वैराग ज्योति के आतिथ्य में आशीर्वाद समारोह आयोजित किया गया। हजारों समाज बंधुओं की उपस्थिति में अतिथियों व समाज के प्रबुद्ध लोगों ने नव-दंपतियों को आशीर्वाद देकर विदा किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष पूनाराम पोटर ने अतिथियों के साथ-साथ अपने उद्बोधन में सम्मेलन में प्रत्यक्ष व अपरोक्ष रूप से सहयोग देने वाले समाज बंधुओं का आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन सचिव मांगीलाल प्रजापति ने किया। कोषाध्यक्ष छीतरमल प्रजापति, एडवोकेट जीतमल प्रजापत, सत्यनारायण, तेजाराम, शंकरलाल आदि ने सम्मेलन को सफल बनाने में सहयोग किया। सम्मेलन में राजस्थान समेत विभिन्न प्रदेशों से 10 हजार से अधिक समाज बंधुओं ने भाग लिया।
भृगुवंशी ब्राह्मण समाज: इसी प्रकार बुधवार को अक्षय तृतीय के मौके पर आयोजित सम्मेलन में भृगुवंशी ब्राह्मण समाज के 26 जोड़ों का विवाह हुआ। आरंभ में पुलिस चौकी के पीछे स्थित समाज की धर्मशाला से गाजे-बाजे के साथ बिंदौली निकाली गई। मुख्य मार्गाें से होते हुए बारात आयोजन स्थल वैष्णव धर्मशाला पहुंची, जहां तोरण, वरमाला के बाद पाणिग्रहण संस्कार आयोजित किया गया। बाद में आशीर्वाद समारोह आयोजित कर नव-दंपतियों को विदाई दी गई। विवाह समिति के अध्यक्ष बजरंगलाल, महासचिव रामेश्वरलाल, कोषाध्यक्ष भीमाराम जोशी आदि के सानिध्य में आयोजित सम्मेलन में बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरूषों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।
वर-वधु को आशीर्वाद देने उमड़े समाजबंधु, युवक-युवतियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच अग्नि के समक्ष 7 फेरे लिए।
पुष्कर. सामूहिक विवाह सम्मेलन में प्रजापति समाज के वर-वधु पाणिग्रहण संस्कार ग्रहण करते हुए।