आजादी के 70 साल बाद भी देश के करोड़ों किसानों को उनका हक नहीं मिला है। किसी भी सरकार ने उनका हक देने की पहल नहीं की। जिसका नतीजा है कि 20 करोड़ से अधिक किसान खेती को छोड़कर दूसरे काम करने पर मजबूर हो गए हैं। किसान को खेती के अलावा नौकरी, उद्योग, दुकानों व अन्य व्यवसाय करने पड़ेंगे तभी परिवार का गुजारा कर सकता है। यह बात केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने रविवार को सत्यम पैलेस में आयोजित किसान सम्मेलन में कही।
मंत्री ने कहा कि 1965 में प्रोफेसर का वेतन 242 रुपए होता था जबकि गेहूं का भाव 64 रुपए प्रति क्विंटल था। आज गेहूं का भाव 1735 रुपए क्विंटल है जबकि प्रोफेसर का वेतन सवा लाख रुपए महीना है। यानी गेहूं का भाव 19 गुणा ही बढ़ा जबकि प्रोफेसर का वेतन 60 गुणा। इस अनुपात में गेहूं के दाम करीब 6 हजार क्विंटल होने चाहिए थे। जब तक देश का किसान एकजुट नहीं होगा तब तक कोई भी सरकार उनकी आवाज को नहीं सुनेगी।
उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अपने एक बेटे को खेती में रखें और दूसरों को अन्य व्यवसायों में लगाएं। सम्मेलन में बीरेंद्र सिंह के निजी सचिव भूपेंद्र सिंह चौहान लालछप्पर, बलिंद्र सिंह मलिक मंसूरपुर, सतबीर ढांडा कंडरौली, बलदेव झगुड़ी, रणधीर सिंह अलीपुरा, अजय जैलदार बैंडी, विनोद सिंगला, प्रीतम सिंह धौलरा, कल्याण सिंह मंधार, रणबीर मंधार, भगवत दयाल कटारिया, परमजीत पम्मी व मेनपाल मांधुबांस भी मौजूद रहे।
रादौर| केन्द्रीय मंत्री चौधरी बीरेंदर सिंह किसान सम्मेलन को जनसमूह संबोधित करते हुए।
पंजाब के किसानों ने बच्चों को विदेश भेजा इसलिए खुशहालः बीरेंद्र ने कहा कि पंजाब से 25 लाख लोग विदेशों में जाकर रोजगार कर रहे हैं। जिस कारण आज पंजाब का किसान देश के अन्य राज्यों के किसानों के मुकाबले खुशहाल है। देश का 20 लाख करोड़ रुपये अमीरों की तिजोरियों में बंद है। यदि यह भारी भरकम रकम मार्केट में आ जाए तो देश खुशहाल हो सकता है।
चार घंटे देरी से पहुंचे बीरेंद्र, विधायक न कार्यक्रम में न बैनरों परः किसान सम्मेलन में बीरेंद्र सिंह के आने का समय पहले साढ़े 12 बजे निर्धारित किया गया था। बाद में इसे साढ़े 3 बजे कर दिया गया। जबकि वे पौने पांच बजे पहुंचे। कार्यक्रम में पहुंचते ही कार्यकर्ताओं में मंच पर मिलने की होड़ लग गई, जिससे मंच पर अव्यवस्था दिखी। भाजपा विधायक श्यामसिंह राणा कार्यक्रम से नदारद रहे। क्षेत्र में आयोजकों द्वारा लगाए पोस्टरों व आयोजन स्थल पर लगे फ्लैक्स पर भी विधायक का फोटो नहीं था। इस बारे विधायक श्याम सिंह राणा का कहन है कि रविवार को सफीदों में महाराणा प्रताप की जयंती पर कार्यक्रम था। इसमें सीएम मुख्यातिथि थे। वे वहां गए हुए थे।
गन्ने के भुगतान को लेकर पीएम, हाईवे को लेकर मिलेंगे गडकरी सेः भूपेंद्र सिंह चौहान व किसान संघ के जिला प्रधान रामबीर उन्हेड़ी ने चीनी मिलों द्वारा गन्ने का भुगतान न होने और यमुनानगर के नेशनल हाईवे में लिंक रोड पर अंडरपास व फ्लाईओवर न होने की समस्या रखी। बीरेंद्र ने कहा कि गन्ने के भुगतान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे। क्षेत्र के लोग उन्हें दिल्ली में आकर मिलें तो वह अंडर पास या फ्लाईओवर बनवाने को लेकर केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलेंगे। दादूपुर नलवी नहर को लेकर मिले किसानों की बात को भी प्रधानमंत्री तक पहुंचाने और होमगार्ड्स के जवानों के ज्ञापन पर सरकार से बात करने की बात कही।