सब्जी मंडी बनवाने की मांग को लेकर कस्बे के सब्जी के आढ़ती दशकों से संघर्ष करते आ रहे हैं। इस दौरान प्रदेश में सभी पार्टियों की सरकार बनी, लेकिन किसी भी सरकार ने रादौर में मंडी बनाने की मांग को पूरा नहीं किया। जिसका खामियाजा रादौर क्षेत्र के सब्जी उत्पादक किसान व आढ़ती भुगत रहे हैं। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद क्षेत्र के सब्जी उत्पादक किसानों व आढ़तियों को सरकार से उम्मीद जगी थी, लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार के साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान भी सब्जी मंडी की मांग को पूरा नहीं किया गया। जिससे किसानों व आढ़तियों में निराशा है।
सब्जी मंडी एसोसिएशन के प्रधान विजय कुमार डंग ने बताया कि पूरे प्रदेश में रादौर विधानसभा क्षेत्र ऐसा एक मात्र विधानसभा क्षेत्र है जिसमें सरकार द्वारा वर्षों बाद भी सब्जी मंडी की स्थापना नहीं करवाई गई। जबकि रादौर क्षेत्र सब्जी उत्पादक क्षेत्र है। जो प्रदेश के सबसे अधिक सब्जी उत्पादक क्षेत्रों में गिना जाता है। किसान अपनी सब्जी की फसल को दूरदराज की मंडियों में बेचने जाते हैं। सब्जी बेचने जाते समय कई किसान सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गवां चुके हैं। क्षेत्र में सबसे ज्यादा टमाटर, बैंगन, शिमला मिर्च, मूली, शलगम, गोभी, भिंडी, घीया, कद्दू, टिंडा, करेला, मिर्च का रकबा है। यदि सरकार रादौर में मंडी बनाए तो सब्जी उत्पादक किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूर दराज की मंडियों में धक्के न खाने पड़ें। इस बारे में विधायक श्यामसिंह राणा ने कहा कि वह रादौर में सब्जी मंडी बनवाने के लिए मुख्यमंत्री से बात करेंगे। उनकी कोशिश होगी की जल्द से जल्द मंडी बनवाने की मांग को मुख्यमंत्री से पूरा करवाया जाए।