खेवड़ा गांव में अचानक से जंगल में आग लग गई। आग से गांव के तीस परिवारों का उपलों का ईंधन जलकर राख हो गया। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की जो गाड़ी आई, वह भी खराब हो गई। जिस कारण भी आग से ज्यादा नुकसान हुआ है। इसी प्रकार जाजल गांव में फानों की आग से एक किसान की चार एकड़ ईख की फसल जल गई।
खेवड़ा गांव के सरकारी स्कूल के सामने ग्रामीणों ने उपलों के बिटोड़े रखे हुए है। रविवार को अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैलनी शुरू हो गई। ग्रामीणों ने आग लगने की खबर दमकल विभाग को दी। कुंडली से दमकल विभाग की एक गाड़ी गांव में पहुंची। जैसे ही दमकल विभाग की गाड़ी स्कूल के सामने पहुंची तो अचानक वह खराब हो गई। जिससे आग बुझाने का काम शुरू नहीं हो सका। दमकल कर्मियों के सामने ही आग और ज्यादा फैल गई। मुख्य फायरमैन की सूचना पर सोनीपत से एक गाड़ी बुलाई गई। उसके बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। ग्रामीण कर्मबीर, बिजेंद्र, प्रेम सैनी, महाबीर, कपिल, सतीश, हरिओम, कालू रामकुमार ने बताया कि आग से तीस से अधिक परिवारों का इंधन जलकर राख हो गया। दमकल विभाग की गाड़ी खराब होने से ज्यादा नुकसान हुआ है।
फानों की आग से किसान की चार एकड़ ईख की फसल जली
रविवार को ही जाजल गांव के कृष्ण शर्मा की चार एकड़ ईख की फसल जलकर राख हो गई। किसान कृष्ण ने बताया कि पलड़ी खुर्द गांव के एक किसान ने गेहूं के फानों में आग लगा दी। हवा के साथ आग तेजी से फैल गई और उनकी ईख की फसल को चपेट में ले लिया। राई से पहुंची दमकल विभाग की टीम ने आग पर नियंत्रण पाया। आग से उसे काफी नुकसान पहुंचा है। किसान ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।