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एक महीने में 25 करोड़ का राजस्व देने वाले बिजली निगम के कार्यालय कंडम

3 वर्ष पहले
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सरकार को प्रति माह 25 करोड़ रुपए का राजस्व देने वाले बिजली निगम राई के कार्यालय में उपभोक्ताओं का रिकाॅर्ड गल सड़ रहा है। कार्यालय की छत जर्जर हाे चुकी है। जरा सी बारिश होने पर छत टपकने लगती है जिसके कारण रिकाॅर्ड गल रहा है। निगम के कर्मचारी कंडम व जर्जर हाल भवन को लेकर काफी परेशान है। वे राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में बिजली निगम की जमीन में बिल्डिंग बनाने की मांग कर रहे है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

बीसवां मिल स्थित बिजली निगम के एसडीओ कार्यालय की हालत बद से बदत्तर हाे चुकी है। भवन तो कंडम हो ही चुका है साथ ही अब यहां रखा रिकाॅर्ड भी सुरक्षित नहीं है। एसडीओ कार्यालय के जिस कमरे में खुद एसडीओ बैठते है उसका लेंटर टूटकर गिर रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि वे यहां डर के साये में काम करने को मजबूर है। उन्होंने बताया कि वे प्रति महीने निगम को करीब 25 करोड़ की कमाई करके देते है। उसके बावजूद भी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाए जाते। बिजली निगम के एसडीओ सीमा नारा ने बताया कि यह बिल्डिंग एचवीपीएन की हैं। लेंटर टूटकर गिर रहे है। नए भवन के लिए डिमांड भेजी गई है। रिकॉर्ड भी खराब हो रहा है।

मौसम खराब होेने पर खाली हो जाता हैं ऑफिस : बिल्डिंग की हालत इस कदर कंडम हो चुकी है कि मौसम खराब होते ही ऑफिस को खाली करना पड़ता हैं। बारिश होने पर तो यहां पानी ही पानी जमा हो जाता है। एक भी कमरा ऐसा नहीं है जिसकी छत से पानी न टपकता हो। कर्मचारियों को हर समय लेंटर गिरने का भय सताया रहता हैं।

राई. जर्जर हाल बिल्डिंग के टूटकर गिर रहे लेंटर को दिखाता बिजली कर्मी।

नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने तक धरने का एेलान

गन्नौर | कैलाना 33 केवीए पावर हाउस की जर्जर बिल्डिंग में कर्मचारी खुद को अनसेफ महसूस कर रहे है। निगम की लापरवाही कभी भी कर्मचारियों पर भारी पड़ सकती है। पावर हाउस की पुरानी जर्जर बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में फीडर शिफ्ट न होने से खफा बिजली कर्मचारी आज से पावर हाउस के बाहर धरने पर बैठेंगे। जिसकी अध्यक्षता सब डिविजन के प्रधान राजेंद्र कुमार की रहेगी। सब अर्बन डिविजन गन्नौर से जुड़ा कैलाना 33 केवीए पावर हाउस की पुरानी बिल्डिंग करीब 43 वर्ष पुरानी है। जोकि अब लगभग पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। बरसात में इस अधिक परेशानी रहती है।

किस बिल्डिंग में चल रहे कौन सा फीडर

नई बिल्डिंग : पुरखास डीएस, एमपी माजरा डीएस, जंगली एपी, सटावली डीएस, पुरखास एपी फीडर

पुरानी बिल्डिंग : कैलाना एपी, बजाना एपी, सटावली एपी, डबरपुर एपी फीडर

गन्नौर : कैलाना ३३ केवीए पावर हाउस की पुरानी जर्जर बिल्डिंग में चल रहे फीडर

पावर हाउस के कर्मचारी बैठेंगे धरने पर: प्रधान

कैलाना 33 केवीए पावर हाउस की नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो रही है। उसमें जर्जर पावर हाउस की पुरानी बिल्डिंग से कुछ फीडरों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया। लेकिन अभी कुछ फीडर पुरानी बिल्डिंग में चल रहे है।’-राजेंद्र कुमार, प्रधान सब यूनिट।

अप्रूवल मिलने के बाद होगा काम: एसडीओ

कैलाना 33 केवीए पावर के पुरानी बिल्डिंग में चल रहे फीडरों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने के लिए अप्रूवल मिलने का इंतजार है। इसके बाद तुरंत प्रभाव से शेष बचे फीडरों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया जाएगा।’-अश्वनी कौशिक, एसडीओ।

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