प्रशांत क्षेत्र में चीन का उद्देश्य अस्थिरता फैलाना: श्राइवर
अमेरिका ने भारत-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए खुला बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि इस क्षेत्र में चीन के रणनीतिक इरादे अस्थिर और विरोधी हैं। अमेरिकी कांग्रेस की सुनवाई में एशियाई और प्रशांत सुरक्षा मामलों के सहायक रक्षा मंत्री रंडाल श्राइवर ने कहा कि चीन के साथ अमेरिका रचनात्मक, परिणामोन्मुखी संबंध जारी रखेगा, लेकिन उन नीतियाें को मंजूर नहीं करेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय नियम और व्यवस्था कमजोर हो। श्राइवर ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में हमारा रुख एक मुक्त और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखने का है। उन्होंने कहा कि चीन को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को आकार देने के समर्थन में होना चाहिए, जैसा कि सभी देश करते हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में, हम चीन के रणनीतिक इरादों और प्रक्षेपण से चिंतित हुए हैं, उदाहरण के लिए इस क्षेत्र में कुछ चीन की कुछ गतिविधियां देखी गई हैं, जिन्हें हम दक्षिण चीन सागर में अस्थिर और विरोधी के रूप में देखते हैं।
अमेरिका की आर्थिक सुरक्षा के लिए सबसे अधिक चिंताओं में से चीन एक
अमेरिकी आर्थिक सुरक्षा और इसकी खुफिया एजेंसियों के लिए चीन सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है। यह बात अमेरिका में हाल ही गठित नेशनल काउंटर इंटेलीजेंस एंड सिक्युरिटी सेंटर के प्रमुख बिल इवानिना ने कही है। सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी के सांसदों से इवानिना ने कहा कि चीन की सरकार अमेरिका को केंद्र में रखकर अपनी सेना और आर्थिक विकास कर रही है। इसने हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को जोखिम में डाल दिया है। इवानिना ने मंगलवार को सांसदों से कहा, “चीन सुनियोजित तरीके से अमेरिकी टेक्नोलॉजी, ट्रेड सीक्रेटस, स्वामित्व डेटा, शोध को चुरा रहा है। इस पर अमेरिका को लगातार तथा आक्रामकता से जवाब देना होगा।’