नजूल भूमि पर अतिक्रमण, तहसीलदार ने दिया स्टे
प्रशासन की रोक के बाद भी चालू है निर्माण कार्य
भास्कर न्यूज | रायगढ़
अवैध निर्माण के खिलाफ तहसीलदार ने स्थगन आदेश जारी किया था, लेकिन इसकी परवाह किए बगैर धड़ल्ले से निर्माण किया जा रहा है। स्टे के बाद भी निर्माण चालू होने की जानकारी तहसीलदार को भी है, लेकिन सब कुछ पता हुए भी राजनीतिक दबाव के चलते तहसीलदार अनदेखा कर रहे है।
इसके चलते भू माफिया नजूल जमीन पर खुलेआम कब्जा कर रहे हैं। मामला पुसौर तहसील का है। सुरेंद्र जेना और अन्य लोगों ने तहसीलदार पुसौर के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि रेंगालपाली रोड में बोरोडिपा चौक के पास सड़क मद की खसरा नंबर 205 ख 1, 205 ख 2 और 205 ख 3 बेशकीमती जमीन पिछले कई सालों से मुख्य सड़क के किनारे खाली पड़ी है। इस जमीन पर क्षेत्र के जमीन दलाल लक्ष्मी पटेल और शुक्लांबर मेहर दोनों निवासी पड़ीगांव और बोरोडिपा चौक निवासी बबलू मिस्त्री द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है। शिकायत पर जांच उपरांत तहसीलदार ने 27 मार्च को स्टे आर्डर जारी किया। मगर इसका कोई असर नहीं हुआ। स्टे आर्डर के बाद भी काम नहीं रूकने से नाराज लोगों ने अब सीएम एवं पीएम से भी मामले की शिकायत कर दी है। आरोपियों द्वारा शिकायतकर्ताओं को खुलेआम धमकी दी जा रही है। इससे लोग भयभीत भी है। प्रशासनिक उदासीनता के चलते जिले में धड़ल्ले से नजूल भूमि पर कब्जा हो रहा है। नगर पंचायत पुसौर में सरकारी जमीन की लगातार शिकायत आ रही है। अतिक्रमणकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होने और आरआई-पटवारियों की ढिलाई के कारण भू माफिया के हौसले बुलंद हैं।
पुसौर तहसील का मामला, सड़क से लगे सड़क मद की नजूल भूमि पर हो रहा था बेजाकब्जा
शासकीय जमीन पर अवैध निर्माण अब भी जारी है।