जिंदल ने कंपनी विस्तार के लिए ली जमीन पर प्रभावितों को नहीं दी नौकरी, करेंगे आंदोलन
जिंदल कंपनी द्वारा करीब पांच साल पहले सराईपाली, खैरपुर, भगवानपुर, किरोड़ीमलनगर, कोसमपाली, धनागर, गोरखा और बरमुड़ा के सैकड़ों किसानों की जमीन का उद्योग विस्तार के लिए अधिग्रहण किया था। जमीन लेते समय प्रभावितों को कंपनी ने यह आश्वस्त किया था कि उन्हें कंपनी में योग्यता अनुसार स्थाई नौकरी दी जाएगी। मगर उन्हें स्थाई नौकरी नहीं दी गई।
वहीं नौकरी के नाम पर ग्रामीणों को ठेका कंपनियों में मामूली वेतन पर उन्हें रोजगार मुहैया कराया गया। उन्हें उम्मीद थी कि देर सबेर उन्हें स्थाई कर दिया जाएगा, लेकिन पांच सालों के बाद भी बेरोजगारों को अस्थाई पर ही रखा गया है। कंपनी को जमीन देने वाले 9 गांवों के प्रभावित किसान अब कंपनी से आरपार की लड़ाई लड़ने की मूड में है।
मंगलवार को युवा कांग्रेसी पार्षद पंकज पटेल के नेतृत्व में कलेक्टोरेट का घेराव करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंप कर जल्द से जल्द स्थायी नौकरी दिलवाने की मांग की है। अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करते हुए चक्काजाम करने की चेतावनी दी है। कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में स्थायी रोजगार दिलाने की मांग की गई है।
नौकरी की मांग को लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे किसान व अन्य।