चुनाव नजदीक आते ही विकास कार्यों को लेकर नगरीय प्रशासन की सख्ती शुरू हो गई है। रायपुर में मंत्री की समीक्षा बैठक में मिली फटकार के बाद आयुक्त विनोद पांडेय चार्ज हो गए हैं। शुक्रवार की सुबह भी उन्होंने इंजीनियरों की बैठक बुलाई। बैठक में निर्माण की समीक्षा के बाद वर्क आर्डर जारी होने के बाद भी काम शुरू नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश दिए।
बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास, मोर जमीन मोर मकान योजना में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। जारी निर्माण कार्यों को उन्होंने समय पर कराने को कहा। आयुक्त ने लोक सुराज में प्राप्त आवेदनों के भी पात्र लोगों को प्रक्रिया में लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों का पीएम आवास व मोर जमीन मोर मकान आवास योजना के विभिन्न घटकों को देखते हुए प्राकलन तैयार किया जाना चाहिए। योजना में शहर की 8 मलीन बस्तियों को छोड़कर बाकी जगहों के पट्टा और कच्चा मकान पर प्राकलन तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद 10 करोड़ रुपए अधोसंरचना मद के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। इसमें वार्ड वार 187 कार्यों की एक एक कर प्रगति की जानकारी उप अभियंताओं से ली गई। समीक्षा के दौरान विभिन्न वार्डों में स्वीकृत सीसी सड़क व नाली निर्माण जिनका कार्य शुरू नहीं हो सका है। ऐसे कार्यों को सूचीबद्ध कर ठेकेदारों को नोटिस देने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि अधोसंरचना मद के सभी कार्यों को समय पर करना लक्ष्य है। इसमें जो भी ठेकेदार कार्य आदेश मिलने के बाद कार्य प्रारंभ नहीं कर रहे हैं, ऐसे ठेकेदारों को नोटिस देकर अमानत राशि को राजसात करने के साथ ब्लेक लिस्टेड करने की कार्रवाई करें।