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डेंगू ने ली 1 जान, अफसरों को रिपोर्ट पर संदेह

3 वर्ष पहले
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शहर में वार्ड नंबर 5 ढिमरापुर रोड के रहने वाले युवक मनोज की मौत हो गई। रायपुर के निजी अस्पताल के मुताबिक मौत की वजह डेंगू है जबकि सीएमएचओ हबेल सिंह उरांव कह रहे हैं कि गर्मी में डेंगू नहीं फैल सकता, वे रिपोर्ट को देखने के बाद ही कुछ कह सकेंगे। पिछली बरसात में शहर में तीन हजार से ज्यादा लोग डेंगू की चपेट में आए थे। इनमें सात की मौत हुई थी।

शहर में गंदगी से डेंगू का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। अभी 48 वार्डों की सफाई सिर्फ 70 लोगों के भरोसे है। निगम के अफसर नगरीय प्रशासन विभाग से प्लेसमेंट कर्मचारियों की संख्या में कटौती नहीं करने के लिए चर्चा करने और जल्द ही दवा खरीदने की बात कह रहे हैं। पिछले वर्ष बरसात के दिनों में स्टेशन रोड में पहला मामला सामने आया था। इसके बाद लालटंकी, दानीपारा, संजय काम्पलेक्स, शहर के मध्य बूजी भवन चौक, सदर बाजार, रामनिवास टाकीज क्षेत्र, हंडी चौक, हटरी चौक, गौरी शंकर मंदिर, गांजा चौक समेत शहर का आधा से ज्यादा हिस्से में लगभग तीन हजार लोग या तो डेंगू पीड़ित थे। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डेंगू की जांच व इलाज की सुविधा नहीं थी इसका राजनीतिक दलों ने विरोध भी किया था। कलेक्टर ने रातोंरात मशीन मंगवाई।

सफाई व्यवस्था बिगड़ी

नगरीय प्रशासन विभाग के निर्देश पर निगम ने प्लेसमेंट के 300 कर्मचारियों में कटौती कर 125 को ही काम पर रखा जाना है। इन्हें हटाने का आदेश निगम की ओर से नहीं हुआ था, लेकिन सफाई कर्मियों को इसकी जानकारी लगी तो 15 अप्रैल की सुबह से ही सभी 300 अस्थाई सफाईकर्मी काम बंद कर हटाने के विरोध में हड़ताल पर है। इसकी वजह से शहर में साफ सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। शहर में 20 से 22 वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है।

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