खरसिया चौकी में बताया 50 लाख रायगढ़ जीआरपी में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई 70 लाख रुपए की
रेल एसपी ने जांच के लिए बनाई टीम, आरपीएफ और जीआरपी दोनों कर रहे जांच
सराफा व्यवसायी के बयानों में उलझी जीआरपी।
भास्कर न्यूज | रायगढ़
सराफा व्यवसायी से साउथ बिहार एक्सप्रेस में हुई 70 लाख के चोरी के मामले में रेल एसपी ने रायपुर, बिलासपुर,चांपा और रायगढ़ जीआरपी के अफसरों की टीम बनाई है। टीम व्यवसायी के बयान के साथ कुछ संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। व्यवसायी ने खरसिया चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराने के दौरान कीमत लगभग 50 लाख रुपए बताई थी, जिसे रायगढ़ में आने के बाद उसने 70 लाख रुपए बताई। जीआरपी संतुष्ट नहीं है।
मंगलवार की दोपहर खरसिया स्टेशन के पास रायपुर से रायगढ़ आ रहे जयपुर निवासी राकेश जैन का 70 लाख के गहनों से भरा बैग चोरी हो गया था। यहां घटना के बाद व्यवसायी सबसे पहले खरसिया चौकी गए। यहां उन्होंने चोरी गए गहनों की कीमत 50 लाख रुपए बताई थी। यहां चौकी पुलिस ने मामला रेलवे होने का कारण उसे रायगढ़ जाने की सलाह दी। इसके बाद राकेश जैन सड़क के रास्ते रायगढ़ पहुंचे और जीआरपी में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में उन्होंने बताया गया कि उनके पास जो सामान थे वे एंटीक और हैवी थे। एंटीक और हैवी गहनों के आयटम छत्तीसगढ़ में नहीं बनते। रायपुर में ऐसे आइटम्स की मांग होने के कारण व्यापारी यहां आए थे। सामान की मार्केटिंग के लिए ही वे रायगढ़ भी आ रहे थे। घटना की रिपोर्ट के बाद जीआरपी ने मंगलवार को रातभर खरसिया स्टेशन में गश्त की। बिलासपुर से आरपीएफ के अस्सिटेंट सिक्यूरिटी कमांडेंट टीम के साथ पहुंचे और खरसिया सहित आसपास के स्टेशनों में जांच की।
फॉलाेअप
इन बातों पर संदेह
70 लाख से सोने से भरे बैग को छोड़कर बाथरूम चले जाना
खरसिया चौकी और रायगढ़ जीआरपी में अलग-अलग जानकारी देना।
रायपुर में दो दिनों तक ठहरने के बाद भी उसके द्वारा वहां कुछ भी डील नहीं
गहनों का इंश्योरेंस नहीं और अनारक्षित टिकट लेकर सफर
ऐसे जांच कर रही है जीआरपी
रायपुर में होटल मधुवन और रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों की जांच
आस-पास बैठे यात्रियों की जानकारी निकालकर उनका बयान
खरसिया स्टेशन पहुंचने के बाद यहां सीसीटीवी कैमरे चेक
इन पर भी ध्यान देने की जरूरत
खरसिया में बैग चोरी करने के बाद जरूरी नहीं कि वह नीचे उतरा हो
खरसिया और बाद के स्टेशनों में भी सीसीटीवी कैमरे चेक हों
रूट के सक्रिय गिरोह के किसी सदस्य का बीते दिनों या वर्तमान में स्टेशन में दिखाई देना
क्योंकि उसके गहनों की डिजाइन यूनिक है, इसलिए डिजाइन को सराफा व्यापरियों के बीच बांटना