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सूदखोर से परेशान होकर दंपती ने डेढ़ साल की बेटी के साथ पीया जहर

3 वर्ष पहले
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सूदखोरी से परेशान एक परिवार के तीन सदस्यों ने शुक्रवार देर रात जहर खाकर जान देने की कोशिश की। कर्ज लेने वाले दिनेश जाटवर ने प|ी व डेढ़ साल की बेटी के साथ जहर पी लिया। सारंगढ़ अस्पताल ले जाने के बाद तीनों को मेकाहारा रेफर किया गया, यहां तीनों खतरे से बाहर हैं। दिनेश ने गांव के एक युवक से 10 हजार रुपए उधार लिए थे। हरियाणा में काम करते हुए उसने मनीआर्डर के जरिये कर्ज की रकम व ब्याज अदा कर दी थी। कम पढ़े लिखे दिनेश के पास रकम लौटाने के प्रमाण नहीं होंगे यह मानकर सूदखोर उससे ब्याज और मूल के 30 हजार मांगने लगा।

सारंगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भोजपुर निवासी दिनेश जाटवर (28) ने कुछ माह पहले घर के किसी जरूरी काम के लिए गांव में सोनू नामक युवक से कर्ज लिया था। परिजन ने बताया कि युवक दिनेश अपनी प|ी सुशीला जाटवर (22) और डेढ़ साल की बेटी विमला को लेकर हरियाणा चला गया था। दंपती हरियाणा की किसी कंपनी में काम करता है। परिजन ने बताया कि युवक ने सोनू का पूरा पैसा चुका दिया है। वह हर माह मनीआर्डर करता था, जिसे परिजन सोनू को दे देते थे। 5 मई को दिनेश परिवार के साथ गांव लौटा और ससुराल चला गया। शुक्रवार को ससुराल से लौटने के बाद सोनू उसके पास पहुंच गया।-शेष पेज 17



ब्याज समेत पैसों की मांग करने लगा। इस पर दिनेश ने उसे पूरा कर्ज चुकाने की बात कही, लेकिन सोनू नहीं माना और उसे धमकी दी। सोनू की प्रताड़ना से तंग आकर दिनेश और उसकी प|ी सुशीला ने शुक्रवार की रात को दोनों ने कोल्ड ड्रिंक की बोतल में जहर घोला। मम्मी पापा के साथ बच्ची ने भी जहर पी लिया।

यह भी जानिए: क्या कहता है ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937

यही अधिनियम अभी छग में भी लागू है। इस अधिनियम की धारा 3 उत्पीड़न को परिभाषित करती है। जिसके अनुसार इसकी उपधारा ख में स्पष्ट है कि ऐसा व्यक्ति जिसने कर्ज लिया है उसका पीछा करना, उसके स्वामित्व की संपत्ति में हस्तक्षेप करना या उसे उससे वंचित करना या बाधित करना अपराध की श्रेणी में आता है। उपधारा ग में यह भी लिखा है कि घर या अन्य स्थान पर उसका पीछा करना कर्ज लेने वाले व्यक्ति को उत्पीड़ित करने वाला माना जाएगा।

मेकाहारा में इलाज के लिए भर्ती प|ी-बेटी और पति।

मेरे पास शिकायत आएगी तो जांच करके कार्रवाई करूंगा

अगर सूदखोरी का मामला है तो इसमें कड़ी कार्रवाई होगी। फिलहाल मेरे पास शिकायत नहीं आई है, शिकायत मिलने पर मैं जांच करूंगा। गोपाल धुर्वे, थाना प्रभारी, सारंगढ़

धारा 4 में कारावास व जुर्माना करने का भी है प्रावधान

साहूकारी या कर्जा एक्ट की धारा 4 में कर्ज की वसूली के लिए प्रताड़ित करने वालों के लिए सजा का प्रावधान किया गया है। कर्ज वापसी के लिए प्रताड़ित करने वालों के लिए इस एक्ट में तीन माह या पांच सौ रुपए जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। कर्जा एक्ट की धारा 4 में उत्पीड़न के लिए है दंड का प्रावधान, मप्र ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 यही नियम है छत्तीसगढ़ में लागू है।

10 हजार लिए और चुका दिए मांग रहा है 30 हजार

दिनेश ने बताया कुछ माह पहले सोनू से 10 हजार 10 फीसदी ब्याज पर लिए थे। उसने रुपए चुका दिए थे, ब्याज का हिसाब भी पूरा हो चुका था। उसने कहा करीब 6 महीने पहले ही वह पूरी रकम दे चुका है। मूलधन व ब्याज के रुपये वसूलने के बाद भी सोनू उससे अलग से Rs.30 हजार की मांग कर रहा था।

शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में फैला है सूदखोरों का जाल

शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में सूदखोरों का जाल फैला है। गुंडे-बदमाश सूदखोरों के संरक्षक हैं। दिहाड़ी मजदूर, फेरी लगाने वाले और सरकारी विभागों में निचले कर्मचारी इनका शिकार बनते हैं। 10 से 20 फीसदी ब्याज पर रुपए उधार देते हैं और डायरी बनाकर दैनिक साप्ताहिक या मासिक वसूली करते हैं। समय पर रुपए नहीं दें तो ब्याज पर ब्याज लगता है। घंटे के हिसाब से ब्याज बढ़कर मूलधन का 40 से 100 फीसदी तक हो जाता है।

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