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28 उद्योगों से 10 करोड़ का जलकर बकाया

3 वर्ष पहले
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जिले के 28 उद्योगों पर 10 करोड़ का जलकर बकाया है। उद्योगों द्वारा नियमित राजस्व भुगतान नहीं करने से राजस्व बढ़ता जा रहा है। विभाग ने सभी बकायादारों को नोटिस जारी किया है। इन उद्योगों में बड़े उद्योग जिंदल, नलवा, जिंदल स्टील पावर, इंड सिनर्जी, मोनेट इस्पात, एमएसपी स्टील और कोरबा वेस्ट शामिल है। कई छोटे उद्योग भी शामिल है।

जिले में उद्योगों पर पानी के उपयोग करने के बाद उसकी राशि जमा नहीं होने पर विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है, पर वर्षों से कुछ उद्योग पानी का शुल्क जमा करने के लिए आना-कानी कर रहे है। यहां तक की इन उद्योगों ने अब राशि जमा करने से बचने के लिए न्यायालय की शरण ली हैं।

इतना ही नहीं कुछ उद्योग ऐसे भी है, जो धड़ल्ले से पानी का उपयोग कर तो रहें है लेकिन जब विभाग उपयोग किये गये पानी का शुल्क मांगता है तो उद्योग प्रबंधन द्वारा कहा जाता है कि उन्होंने मांगें गये शुल्क के हिसाब से पानी उपयोग ही नहीं किया है, और इस तरह से ये उद्योग पानी का शुल्क जाम करने में भी देरी करते है। विभाग के अफसर बताते हैं कि सर्वाधिक बकाया ग्राम कोटमार स्थित इंड सिनर्जी व इंड एग्रो पर है, जिसकी राशि लगभग 2 करोड़ रुपए है।

इस मामले में पहले भी कई नोटिस के जरिए बकाया राशि जमा करने के लिए कहा गया था. लेकिन उद्योग प्रबंधन न्यायालय में चला गया है। जहां मामले की सुनवाई जारी है, बातचीत के दौरान एनके गोयल ने बताया कि कुछ उद्योगों का पैसा जमा हो रहा है, लेकिन भू-गर्भ का दोहन करने वाले उद्योग नियम का पालन नहीं कर रहे हैं।

नोटिस जारी कर रहे हैं

जिले के उद्योगों द्वारा जलकर का भुगतान नियमित नहीं किया जा रहा है। छोटे-बड़े करीब 28 उद्योगों से विभाग को 10 करोड़ से अधिक की राशि वसूल करनी है। बकाया राजस्व भुगतान के लिए विभाग ऐसे उद्योगों को लगातार नोटिस जारी कर रहा है।\\\'\\\' एनके गोयल ,ईई जल संसाधन

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