रविवार की देर रात बीड़पारा में स्थित पतंग की दुकान में आग लग गई। जिस समय आग लगी थी उस समय दुकान बंद थी और उसका दुकानदार छत स्थित घर जा चुका था। दुकान से धुआं निकलता हुआ देख उसने इसकी सूचना पड़ोसियों को दी। आग की लपटें दूसरे मकान में भी पहुंच गई। तुरंत दमकल गाड़ी भेजने के लिए सूचना भेज दी थी। लेकिन दमकल पहुंचने में 1 घंटा लग गया। इसके चलते दुकान का सामान जलकर राख हो गया था।
बीड़पारा निवासी साबिर अली पतंग की दुकान चलाते हैं। रविवार की रात दुकान बंद करने के बाद साबिर अली का परिवार खाना खाकर सो रहा था। उन्हें धुंआ उठने और लकड़ी जलने का एहसास हुआ। आनन-फानन में वे नीचे उतरे तो देखा कि पतंग के दुकान में आग लग चुकी थी। जहां मीटर लगा थी उससे आग निकल रही थी। मीटर पर पानी डालकर उसे बुझाने का प्रयास किया लेकिन मीटर पूरी तरह से जल चुका था।
हो सकता था बड़ा हादसा
तेजी से फैलती आग दुकान से सटे दूसरे मकान में भी पहुंच गई। मकान में परिवार के लोग सो रहे थे। आग की आंच से उनकी नींद खुली और वे जल्दबाजी में मकान से बाहर निकले। आग लगने से उनके मकान का सामान भी जलकर राख हो गया। निगम के दमकल कर्मियों को दोनों जगह आग बुझाने में तीन घंटे लग गए।
पतंग दुकान में आग लगने बाद आग को बुझाती दमकल की टीम।
मदद के लिए 101 को कॉल, बंद था नंबर
आग एक मकान में लगने के बाद दूसरी मकान को भी अपनी चपेट में ले लिया था। ऐसे में परेशान लोगों ने मदद के लिए 101 में कॉल किया, लेकिन 101 नंबर के काम नहीं करने से वे दौड़ते भागते नगर निगम पहुंच गए। यहां दमकल कर्मी सो रहे थे। जगाने के बाद वे दमकल लेकर घटनास्थल पहुंचे। निगम से दमकल पहुंचने में करीब 1 घंटा लग गया।
दराज में रखी नोटों की गड्डी जली
दुकान में रखी पतंग पूरी तरह जल गई। इसके अलावा दराज में रखी गई नोटों की गड्डी भी राख हो गई। हालांकि अभी तक जले हुए नोटों का आंकलन नहीं किया गया है। दुकानदार ने कहा कि नोटों की गड्डी में दो सौ, पांच सौ व दो हजार रूपये के नोट थे।