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ट्रस्ट की संपत्ति का हो रहा है गलत उपयोग जकांछ ने कलेक्टर से कहा-कार्रवाई करें

3 वर्ष पहले
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शहर में संचालित करीब दो दर्जन ट्रस्ट में से कुछ ट्रस्ट की संपत्ति में नियमों के विपरीत गलत तरीके से उपयोग करने का आरोप लगाकर युवा जनता कांग्रेस के युवाओं ने ज्ञापन सौंपा। सोमवार की दोपहर कलेक्टर शम्मी आबिदी से मिलकर जांच व कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की बात भी कही। दो साल पहले रायगढ़ शहर व पुसौर में संचालित ट्रस्ट की संपत्ति व ऑडिट रिपोर्ट को लेकर जांच शुरू हुई थी, लेकिन दो साल बीत गए अब तक इस जांच रिपोर्ट का पता नहीं है।

कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में युवा जनता कांग्रेसियों ने कहा है कि ट्रस्ट की संपत्ति का हर जगह में गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। ट्रस्ट के नियमों के अनुसार देखा जाए तो ट्रस्ट के किसी भवन को किराए में लेने के बाद उसके मूल स्वरूप में परिवर्तन नहीं किया जा सकता है लेकिन ट्रस्ट के मकानों में रहने वाले लोगों द्वारा तुड़वाकर नए निर्माण कराए गए हैं तो कहीं व्यवसायिक उपयोग के लिए किराए में चल रही दुकानों के स्वरूप में भी परिवर्तन किया गया है। युवा जनता कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया है कि ट्रस्ट के संपत्ति की खरीद-बिक्री की संभावना जताते हुए जांच कराने की मांग की है साथ ही ट्रस्ट के भवनों की खरीद-बिक्री मिलने पर संबंधितों के खिलाफ 420 के तहत अपराध दर्ज कराने की मांग की गई है।

जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करने की भी चेतावनी दी

ट्रस्ट की संपत्ति में नियमों के विपरीत गलत तरीके से उपयोग करने की शिकायत करने कलेक्टोरेट पहुंचे जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के युवा।

सत्यापन के लिए बनी थी तीन

टीम, रिपोर्ट आज तक नहीं

रायगढ़ व पुसौर में करीब 34 ट्रस्ट संचालित हो रहे हैं। इनमें ट्रस्ट की संपत्ति का दुरुपयोग की शिकायत प्रशासन को मिली थी। इस पर एसडीएम प्रकाश सर्वे ने भौतिक सत्यापन के लिए तीन टीम का गठन किया था। जिसमें तात्कालीन रायगढ़ तहसीलदार अतुल शेट्टे के नेतृत्व में 18, तात्कालीन नायब तहसीलदार जे आर शतरंज के नेतृत्व में 10 ट्रस्ट और तात्कालीन नायब तहसीलदार पुसौर के नेतृत्व में 6 ट्रस्ट की संपत्तियों का भौतिक सत्यापन कर एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन दो साल बाद भी भौतिक सत्यापन के रिपोर्ट का पता नहीं है।

निरस्त करने का है प्रावधान

लोक न्यास अधिनियम के अनुसार ट्रस्ट को हर साल आडिट रिपोर्ट पेश करनी होती है और ऐसा नहीं करने पर ट्रस्ट का पंजीयन निरस्त करने का भी प्रावधान है लेकिन ऐसी दंडात्मक कार्रवाई नहीं होने से ट्रस्टियों का हौसला बढ़ रहा है। शहर व जिले में संचालित एक भी ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट का अता पता नहीं है।

दे चुके हैं नोटिस आधे ने भी नहीं दिया जवाब

मार्च 2016 में एसडीएम प्रकाश सर्वे द्वारा रायगढ़ व पुसौर के 34 ट्रस्ट संचालकों को नोटिस जारी करते हुए ट्रस्ट की अंचल संपत्ति और ऑडिट रिपोर्ट मांगी गई थी। एसडीएम की ओर से तीन दफा नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद भी महज 13 ट्रस्ट संचालकों ने ही नोटिस का जवाब दिया था। बार बार नोटिस देने के बाद भी जानकारी नहीं देने पर अफसरों ने भी ध्यान नहीं दिया।

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