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तीन साल बाद भी रेल इंजन में नहीं हुई एसी की व्यवस्था, ट्रेन ड्राइवर कर रहे मुंडी गर्म आंदोलन

3 वर्ष पहले
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रायगढ़ | यह तस्वीर मालगाड़ी के इलेक्ट्रिक रेल इंजन की है। यहां रेलवे इंजन का तापमान 70 से 84 डिग्री के बीच है। ऐसे में ट्रेन के ड्राइवरों को 50 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर यहां काम करना पड़ता है। धूप से बचने के लिए उन्हें ऐसे ही गमछे का सहारा लेना पड़ता है। रेलवे इंजन में एसी लगाने सहित तीन मांगें पूरी नहीं होने पर ट्रेन के ड्राइवर 14 से 16 मई तक काला दिवस मना रहे हैं। ऑल इंडिया रनिंग स्टॉफ संघ के आह्वान उनका मुंडी गर्म आंदोलन सोमवार से शुरू हो गया। विरोध जताने के लिए सभी सीने में काला दिवस का बैज लगा रखा है। संघ के पदाधिकारी एके सिंह ने बताया कि बुधवार को वे डीआरएम के माध्यम से मांगों का ज्ञापन पीएम और रेलमंत्री को सौपेंगे।

ये हैं उनकी मांग

सातवें वेतनमान में पेंशन की विसंगतियों को दूर किया जाए।

लोको पायलटों को आरएसी 1980 के अनुसार एलाउंस दिया जाए।

साथ ही रेल इंजन में एसी की व्यवस्था की जाए।

मीटर के अनुसार इंजन का तापमान (0c में)

मोटर 1 - 82, मोटर 4- 80,

मोटर 2 - 82, मोटर 5 - 81

मोटर 3 - 84, मोटर 6- 75

तीन साल से कर रहे मुंडी गर्म आंदोलन

इंजन में एसी लगाने के लिए ट्रेन ड्राइवर तीन साल मुंडी गरम प्रदर्शन करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि रेलवे में सबसे बड़ी जिम्मेदारी हम पर है फिर भी अधिकारी सौतेला व्यवहार कर रहे है। इंजन का तापमान सामान्य तापमान से 7 से 8 डिग्री ज्यादा रहता है। इसके कारण हमारा प्रदर्शन प्रभावित होता है।

इंजन में गर्मी से बचने के लिए मात्र एक पंखा लगा है। जिससे निकलती गर्म हवा ड्राइवरों को राहत नहीं पहुंचाती।

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