निगम आयुक्त ने एसएलआरएम सेंटर को देखने के बाद कहा - बाहर कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई करेंगे
शहर के सभी एसएलआरएम सेंटर का आयुक्त ने बुधवार को सुबह से शाम तक निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शत प्रतिशत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने के साथ एसएलआरएम सेंटर में इसका उचित तरीके से निपटारा करने के निर्देश दिए। इसी तरह सभी सुपरवाइजर एवं महिला स्व सहायता समूह की सदस्यों को डोर टू डोर कलेक्शन यूजर चार्ज वसूल करने को कहा गया।
निरीक्षण करने आयुक्त श्री पाण्डेय सबसे पहले पंजरी प्लांट स्थित एसएलआरएम सेंटर पहुंचे। जहां उन्होंने बैठक ली और डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लगीं महिलाओं से चर्चा की। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के दौरान कचरे को एसएलआरएम सेंटर नहीं लाकर यहां-वहां कचना फेंकने की शिकायत आ रही है। ऐसे कार्य करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद वे दिनदयाल आशीर्वाद कालोनी स्थित एसएलआरएम सेंटर, पालिटेक्निक कालेज एसएलआरएम सेंटर और ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एसएलआरएम सेंटर का निरीक्षण किए। निरीक्षण के बाद निगम सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग के सभी सफाई दरोगा, स्वच्छता निरीक्षक, सुपरवाइजर व रिक्शा चालक महिलाओं की बैठक ली गई। उन्होंने कहा कि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन लगातार होनी चाहिए। कई जगहों पर हर रोज डोर टू डोर कचरा कलेक्शन नहीं होने की शिकायत भी आ रही है। इसलिए डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए सुपरवाइजर और दरोगा सतत निगरानी रखेंगे और स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कचरा कलेक्शन के लिए सहयोग करें। निरीक्षण के दौरान प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी मोतीचंद जैन, एनयूएलएम प्रबंधक विक्रम किशोर राणा, स्वच्छता निरीक्षक सूर्यमणि तिवारी, कनिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक राजेश पाण्डेय, अरविंद द्विवेदी, रामरतन पटेल आदि कर्मचारी शामिल थे।
एलएलआरएम सेंटर में समूह की सदस्यों से समस्या जानते आयुक्त।
पहले समझाइश दें, नहीं मानने पर करें पेनाल्टी
आयुक्त ने कहा कि वर्तमान में शहर के कई क्षेत्रों में सड़कों पर ही लोगों द्वारा कचरा फेंके जा रहे हैं। ऐसे लोगों को सुपरवाइजर और सफाई दरोगा चिह्नांकित करें और समझाइश दें। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर पेनाल्टी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
पांच जोन में चल रही नाले व नालियों की सफाई
शहर के पांच जोन चक्रधर नगर, जुटमिल, कोतरारोड, बैकुंठपुर व इंदिरानगर में पिछले 20 दिनों से गैंग लगाकर छोटे-बड़े नाली की सफाई की जा रही है। एक गैंग में 10 श्रमिकों का दल एक जोन की नाले व नालियों की सफाई कार्य में लगाया जा रहा है।