छत्तीसगढ़ के माटी म एक ले बढ़ के एक हीरा बेटा बेटी जनम लेवत रहिथे। फेर जेनमन अपन करम ले देस अउ अपन छत्तीसगढ़ महतारी के नाव ल ऊंचा करथे ओला जुग-जुग ले जाने माने जाथे। अइसन नाव स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केयूर भूषण के हावय। केयूर भूषण के जनम दुर्ग जिला के गांव जांता म होए रहिस। केयूर भूषण के बाबूजी मथुरा प्रसाद मिश्र समाज सेवक रहिन तेखर खातिर उंकर मन म शुरुच ले सेवा भाव भरे रहय। भूषण दाढ़ी गांव के इसकूल म पहिली कक्छा ले पढ़त रहिन 5वीं ल धमतरी म पढ़ीन। रायपुर घलो पढ़े बर गए रहिन। फेर देस के आजादी बर चिंतन करइया केयूर भूषण के मन आंदोलन बर छटपटात रहय। रात दिन आजादी बर गुनत रहय। अउ जब महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन बर आह्वान होइस, केयर भूषण 1942 म असहयोग आंदोलन म भाग लिन, अउ जेल घलो गए रहिन। ओ बछर म रायपुर केंद्रीय जेल जवइया म भूषण सबले कम 14 बछर के लइका रहिस हावय। फेर देस खातिर उमंग म कोनो नौजवान ले कमती नइ रहिस। आजादी के अइसन दीवाना भारत म बहुत कम मनखे रहिन अउ रहिन तव ओमा केयूर भूषण के नाव आगू आथे। देस सेवा, समाज सेवा के कारन भूषण जी ल पढ़ाई छोड़े बर परिस। अउ भूषण अपन ग्यान ल साहित्य म लगाइस। राजनीति ले घलो जुड़ाव बने रहिस। सन 1980-1982 म जब पंजाब म आतंकवादी मन के आतंक बढ़त रहिस तव भूषण सांति बगराय बर गांधीवादी नेता मन के संग म मिलकर के सांति पद यात्रा म भाग लिन अउ सांति के संदेश दिन। छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मन के उपर किताब घलो लिखे हावय। 1980-1990 तक सांसद रहिन, भूषण जी के कतको अकन किताब परकाशित होए हावय जेमा उंकर उपन्यास 1986 म “कुल के मरजाद” 1999 म” कहां बिलागे मोर धान के कटोरा” परकाशित होइस। सन 2000 म कहिनी संग्रह कालू भगत, 2003 म छत्तीसगढ़ी निबंध संग्रह “हीरा के पीरा” परकाशित होए रहिस। भारत अउ छत्तीसगढ़ म अलग अलग क्षेत्र म बने काम करइया 14 झन माइलोगन मन के व्यक्तित्व के उपर म आलेख “ छत्तीसगढ़ के नारी र|” 2002 म किताब परकाशित होए रहिस। भूषण जी के कहिनी कविता उपन्यास म नारी,भुथियार, गरीब, गांव उपर सिरजन मिलथे। भूषण जी सरल स्वभाव अउ मिलनसार साइकिल के चलइया, सबो बर मयारूक मनखे रहिस छत्तीसगढ़ साहित्य ल समृद्ध करे बर हिन्दी अंग्रेजी के अड़बड़ ग्यान के रहत ले अपन छत्तीसगढ़ी भासा ल पोठ करे बर बड़ उदीम करत रहिन। भूषण जी के कविता संग्रह 1986 म “लहर” सन 2000 म “नित्य प्रवाह” 2002 म “मोर मयारूक गांव परकाशित होए रहिस। बहुमुखी प्रतिभा के धनी भूषण पत्रकारिता के छेत्र म घलो आगू रहिन। छत्तीसगढ़ संदेश, इंदौर के पत्रिका “अंत्योदय” के संपादन करत रहिन हे। केयूर भूषण के साहित्य म पं रविशंकर शुक्ल वि.वि. रायपुर म सोध कार्य घलो होए हे। उंकर “छत्तीसगढ़ी साहित्य के उन्मूलन” म रमणी चन्द्राकर ल पीएचडी के उपाधि मिले हावय। जेखर परकाशन 2015 म होए रहिस। छत्तीसगढ़ सासन द्वारा केयूर भूषण ल पं रविशंकर शुक्ल सद्भावना सम्मान 2001 ले नवाजे गए हे। कलाकार मन बर भूषण जी बड़का काम करिन जम्मो कलाकार मन ल एक मंच म लाए बर रायगढ़ म चक्रधर सम्मान समारोह बर धियान धरे रहिन। छत्तीसगढ़ी बोली ल राज भासा बर निरन्तर प्रयास करत रहिन। उंकर नाटक सोना कैना, कहिनी “मोंगरा” गीत “बनिहार” जम्मो साहित्कार मन बर प्रेरणा दायी रचना हावय। अंग्रेज मन करा लोहा लेवइया गांधी संग आंदोलन करइया छत्तीसगढ़ के ही नहीं भारत के महान ग्यानी बेटा 03 अप्रैल 2018 के हमन ल छोंड़ के चिर निद्रा म चल दिन। भारत के महान सपूत छत्तीसगढ़ के मयारू बेटा ल शत शत नमन।
राजकिशोर धिरही तिलई, जांजगीर
रात दिन आजादी बर गुनत रहय। महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन म जुड़े रहिस