पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Raigarh
  • वकील: पहला अपराध है कम सजा दें, जज ने कहा नरमी ठीक नहीं

वकील: पहला अपराध है कम सजा दें, जज ने कहा नरमी ठीक नहीं

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रायगढ़ | शुक्रवार को प्रभारी अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट सरोज नंद दास के कोर्ट में छेड़छाड़, रात के अंधेरे में घुसने और हत्या करने की कोशिश करने के मामले की फैसला सुनाया। आरोपी के वकील ने जज से कहा कि अपराधी 28 साल का युवक है। यह उसका पहला अपराध है। इसलिए सजा में कोर्ट नरमी बरतें। इस पर जज सरोज नंद दास ने कहा कि आरोपी ने जो अपराध किया है उसमें नरमी बरतने का सवाल ही नहीं उठता।

कोर्ट में आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ करने धारा 354, हत्या करने की कोशिश करने धारा 459 और टांगी से हमला कर चोट पहुंचाने की धारा 326 में आरोप सिद्ध नहीं होने पर उन्हें इन धाराओं में सजा नहीं मिली। धारा 456 रात के अंधेरे में घर घुसने के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए 6 महीने की सश्रम कारावास की सजा एवं 1 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। मामला खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम औरदा का है। एक विवाहिता ने खरसिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 मई 2016 की रात करीब 12 बजे सपरिवार अपने घर के परछी में सोया था, तभी आरोपी मोहन लाल डनसेना पिता कार्तिक राम 27 साल निवासी औरदा महिला से दुष्कर्म करने के इरादे से घर में घुस आया और छेड़खानी करने लगा था।

खबरें और भी हैं...