पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Raigarh
  • अनियमित कर्मियों की हड़ताल समाप्त, आज से लौटेंगे दफ्तर, नहीं बनी बात तो 16 से फिर होगा आंदोलन

अनियमित कर्मियों की हड़ताल समाप्त, आज से लौटेंगे दफ्तर, नहीं बनी बात तो 16 से फिर होगा आंदोलन

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पिछले 22 दिनों से हड़ताल कर रहे प्रदेशभर के 1 लाख 80 हजार अनियमित कर्मचारियों के साथ जिले के करीब 6 हजार अनियमित कर्मियों ने मंगलवार को अपना हड़ताल खत्म कर दिया है। संघ के जिलाध्यक्ष आनंद मिरी ने बताया कि शासन के साथ सकारात्मक चर्चा हुई।

जिसके बाद अनियमित कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया। बताया जा रहा है कि अनियमित कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों और मुख्य सचिव की मुलाकात में अधिकतर मांगों पर सहमति बनी है। वहीं, बर्खास्त कर्मियों की बर्खास्तगी को भी शून्य करने का आश्वासन मिला। इनके हड़ताल में रहने की वजह से शासकीय सेवाएं प्रभावित हो रही थी। आज 22 दिनों के बाद अपनी हड़ताल खत्म करने के बाद फिर से बुधवार को काम पर लौटेंगे। हालांकि मुख्य सचिव ने जो आश्वासन दिए हैं अगर वह 15 अगस्त तक पूरा नहीं हुआ तो 16 से फिर आंदोलन में जाने की बात कही है। नियमितीकरण समेत चार प्रमुख मांगों को लेकर हड़ताल पर थे।

छत्तीसगढ़ अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक सुभाष मिश्रा के नेतृत्व पर सीएम डॉ. रमन सिंह को ज्ञापन सौंपा गया जिस पर उन्होंने मुख्य सचिव को अनियमित कर्मचारियों के छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ से चर्चा कर कोई समाधान तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया। मुख्य सचिव ने चर्चा के लिए महासंघ के एक प्रतिनिधि मंडल को बुलाया। जिसमें सुभाष मिश्रा की अध्यक्षता में महासंघ के प्रतिनिधिमंडल डॉ योगेश पटेल, डॉ सौरभ शर्मा, डॉ अनुराग साहू, रायगढ़ के आनंद मिरी, चंद्रहास श्रीवास, शेख मुस्तकीम तथा अन्य ने सीएस से मुलाकात की और अपनी मांगों से अवगत कराया। मुख्य सचिव ने सार्थक चर्चा के लिए सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव रीता शांडिल्य को भी चर्चा में शामिल करने के लिए बुलाया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि प्रदेश में विभिन्न विभागों में संविदा पर लगभग 20 हजार, स्वास्थ्य विभाग में 10 हजार, रोजगार सहायक 10 हजार, ठेकाकर्मी 90 हजार और अन्य अनियमित कर्मचारी लगभग 50 हजार कार्यरत हैं। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि ये सभी अनियमित कर्मचारी अलग अलग विभागों से है। इसलिए संबंधित विभाग के सचिवों की एक बैठक आयोजित की जाएगी तथा सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सबके लिए अच्छा निर्णय लिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त कर काम पर लौटने का निर्णय लिया गया।

यह है मांगें

संघ के जिला उपाध्यक्ष राजेश शर्मा ने बताया कि संघ सेवावृद्धि एवं सेवा से पृथक करने का भय समाप्त करने, वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने, विगत कुछ वर्षों में सेवा से पृथक किए गए कर्मचारियों को सेवा में बहाल करने, शासकीय- अर्धशासकीय कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी-अधिकारियों को नियमित करने, आउट सोर्सिंग-ठेका प्रथा पूर्ण रूप से बंद कर शासकीय सेवक का दर्जा देने की मांग प्रमुख है।

खबरें और भी हैं...