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बिना प्राथमिक इलाज किए ही रेफर किया मेकाहारा पहुंचने से पहले किशोरी की मौत

3 वर्ष पहले
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सोमवार की रात उल्टी होने के बाद सही समय पर इलाज नहीं मिलने से एक ग्रामीण बालिका की मौत हो गई। उल्टी के बाद परिजन उसे खरसिया के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने बिना प्राथमिक उपचार किए उसे मेकाहारा रेफर कर दिया। परिजन ने कहा अगर सही समय पर इलाज मिलती तो किशोरी की जान बच सकती थी।

मामला खरसिया ब्लाक के ग्राम बगबुड़वा की है। सोनिया सिदार (14) नौवीं कक्षा की छात्रा थी। सोमवार को स्कूल से लौटने के बाद शाम को नाश्ता की। रात आठ बजे खाना खाने के बाद सो रही थी। मंगलवार अलसुबह लगभग 4 बजे उसे उल्टी हुई। परिजन ने घरेलू उपचार किया लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुई। आखिर में परिजन किशोरी को एंबुलेंस में खरसिया के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। गांव के त्रिनाथ सिदार ने बताया कि किशोरी को सुबह 6 बजे वे अस्पताल लेकर गए थे।

वहां इमरजेंसी मिला। उसने किशोरी का नब्ज चेक नहीं किया और मेकाहारा ले जाने की बात कही। परिजन किशोरी को मेकाहारा लेकर आ रहे थे। इसी बीच रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए बिसरा रिपोर्ट जांच के लिए भेजा गया है।

िकशोरी की मौत के बाद विलाप करते परिजन।

अस्पताल पहुंचने की जल्दबाजी में वाहन लिया

किशोरी की हालत में सुधार नहीं हो रही थी। परेशान परिजन उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहते थे। लिहाजा उन्होंने सरकारी एंबुलेंस के बजाय गांव से ही एक निजी वाहन किराए से लिया और किशोरी को अस्पताल पहुंचाए। लेकिन इसके बाद भी खरसिया के अस्पताल में इलाज नहीं मिला।

खरसिया के सिविल अस्पताल में मौजूद डॉक्टर को इलाज करना चाहिए था। अगर उसने उपचार नहीं किया तो यह जांच का विषय है। मैं दिखवाता हूं, अगर डॉक्टर ने जांच नहीं की होगी तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगे।\\\'\\\' एसके राठिया, बीएमओ, खरसिया

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