आरटीई में बच्चों को प्री-नर्सरी से 12वीं तक पढ़ाएगी सरकार
शिक्षा के अधिकार में अब राज्य सरकार पर बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी प्री नर्सरी से 12वीं तक होगी। वर्तमान में पहली से लेकर आठवीं तक अनिवार्य शिक्षा देने का प्रावधान है। 12वीं तक मुफ़्त शिक्षा देने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा सचिव, प्रशिक्षण संस्थानों के संचालकों को पत्र लिखकर रणनीति तय करने कहा है। केंद्र सरकार ने समग्र शिक्षा योजना के लिए एक अप्रैल, 2018 से 31 मार्च, 2020 के लिए नई एकीकृत शिक्षा योजना लागू कर दी है। इसके बाद छत्तीसगढ़ में भी बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए प्लान बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इन पर अधिक होगा फोकस- बच्चों का लर्निंग आउटकम बढ़ाने के लिए शिक्षकों की क्षमता विकास के कार्यक्रम होंगे। एसीईआरटी और डाइट्स को मजबूत किया जाएगा। डिजिटल बोर्ड और स्मार्ट क्लास रूम बनेंगे। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की मजबूती के लिए कक्षा 6वीं - 8वीं से लेकर 12वीं कक्षा तक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का उन्नयन होगा।
कई शिक्षण संस्थान होंगे मर्ज
स्कूल-साक्षरता और शिक्षक शिक्षण विभाग की योजनाओं को आपस में मर्ज कर समग्र शिक्षा अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है। खासकर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (एससीईआरटी) को सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए), राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) और शिक्षक शिक्षण अभियान को एक करके कार्यक्रम बनाना है।