मेडिकल पीजी में प्रवेश: सेवारत डॉक्टरों को मिलेंगे बोनस अंक
रायगढ़ | मेडिकल कॉलेजों में एमडी व एमएस पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा व नतीजों के बाद प्रवेश के लिए नियम बनाने के खिलाफ याचिका पर याचिकाकर्ता डॉक्टरों को राहत मिली है। हाईकोर्ट ने सेवा अवधि के मुताबिक प्रवेश में बोनस अंक देने कहा हैं। 4 मई को याचिकाओं पर सुनवाई होगी।
मेडिकल कॉलेजों में एमडी और एमएस पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा 2018 के लिए 27 नवंबर 2017 को विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। परीक्षा का आयोजन 7 जनवरी 2018 को किया गया। नतीजों की घोषणा 23 जनवरी 2018 को की गई। इसके बाद आयुक्त चिकित्सा शिक्षा के हस्ताक्षर से 13 मार्च 2018 को प्रवेश के लिए नियम लागू किए गए। वहीं, स्टेट कोटे से एडमिशन के लिए 2 अप्रैल 2018 की तारीख निर्धारित की गई। प्रवेश परीक्षा और उसके नतीजों की घोषणा के बाद नए नियम जारी करने को चुनौती देते हुए बिलासपुर के डॉ. रविशंकर देवांगन, रायगढ़ के डॉ. रविकांत सिंह राठौर, जांजगीर के डॉ. अंकित पालीवाल, डॉ. रंजना तिर्की समेत कई शासकीय सेवारत डॉक्टरों ने अधिवक्ता सुनील ओटवानी, मनोज परांजपे, राहुल तामस्कर और कल्पेश जी केला के जरिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इसमें कहा गया है कि प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होने के बाद 13 मार्च 2018 को संचालक स्वास्थ्य शिक्षा के आदेश से राजपत्र में नियम प्रकाशित किए गए हैं, यह गलत है।चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन और जस्टिस शरद कुमार गुप्ता की बेंच ने 4 और 5 अप्रैल को सीटों के आवंटन के लिए होने वाली काउंसिलिंग रोक लगा दी थी।