बच्चे दक्ष नहीं और प्रमाण पत्र दिया तो एचएम होंगे जिम्मेदार
आरटीई से बच्चे हो रहे कमजोर, शासन ने दिए निर्देश
भास्कर न्यूज | रायगढ़
इस बार पांचवी आठवीं की परीक्षा के बाद प्रधानपाठकों को बच्चों को पात्रता प्रमाण पत्र देने से पहले काफी सोचना पड़ेगा। क्योंकि अगर बच्चा पूरी तरह से पढ़ाई में दक्ष नहीं हो पाया है और वे प्रमाण पत्र देते हैं तो बाद में दिक्कत में पड़ जाएंगे। परीक्षा का भय नहीं होने से आम तौर पर बच्चे पढ़ाई में कमजोर हो रहे हैं। इसकी शिकायत राज्यभर से आ रही हैं। जिसके बाद शासन ने निर्णय लिया है कि बच्चा पढ़ाई में दक्ष हुआ है या नहीं, इसका आकलन किए बगैर प्रधानपाठक प्रमाण पत्र नहीं दे सकेंगे।
राजीव गांधी शिक्षा मिशन ने सभी जिले के अफसरों और शिक्षकों को निर्देश जारी कर दिया है। इसके बाद प्रधानपाठक भी असमंजस में है कि अगर बच्चा पूरी तरह से दक्ष नहीं हो पाया है और वह प्रमाण पत्र जारी करते हैं तो उनकी नौकरी खतरे में ना पड़ जाए। प्रमाण पत्र जारी करने के पहले प्रधानपाठकों को 15 दिन की मोहलत भी दी गई है। उन्हें लगता है कि बच्चे किसी क्षेत्र में कमजोर हैं तो उन्हें ठीक करना होगा। शिक्षक इस निर्देश पर सवाल उठाते कह रहे जो बच्चे पूरे सत्र में सीख नहीं पाए होंगे, उन्हें हम 15 दिन में भला कैसे दक्ष कर सकते हैं।
बच्चे पढ़ाई में कमजोर यह शिक्षकों की है कमजोरी
शासन से जारी पत्र में कहा गया है कि अप्रैल 2018 में परीक्षाओं के आयोजन की वजह से बच्चों के कक्षा अध्यापन पर शिक्षक ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि अगली कक्षा में प्रवेश लेने के पहले सभी बच्चों को उसकी कक्षाओं की निर्धारित लर्निंग आउटकम पर अच्छी कुशलता से हासिल हो जानी चाहिए। सभी प्रधानपाठकों को कहा गया है कि अगर बच्चे कमजोर पाए जाते हैं तो यह शिक्षकों की कमजोरी मानी जाएगी।
बच्चों को बेसिक जानकारी नहीं होने की शिकायत
राजीव गांधी शिक्षा मिशन के सहायक संचालक एम सुधीश ने कहा कि प्रधानपाठक द्वारा पात्रता प्रमाण पत्र दिए जाने का मतलब है कि उन्होंने बच्चे को उनकी कक्षा के लिए निर्धारित लर्निंग आउटकम को अच्छे से प्राप्त करवा लिया है। लेकिन राज्य में शिकायत आई है कि पात्रता प्रमाण पत्र धारी बच्चों को बेसिक जानकारी भी नहीं आती। ऐसे प्रकरणों में प्रधानपाठक जिम्मेदार होंगे। जिन्होंने पात्रता प्रमाण पत्र पर अपने हस्ताक्षर कर बच्चे को सभी लर्निंग आउटकम हासिल (दक्ष) होने का सर्टिफिकेट दिया है।