आयकर रिटर्न : सही डिटेल नहीं देने पर होगा नुकसान
रायगढ़ | आयकर विभाग ने वर्ष 2017-18 के आयकर रिटर्न के नियमों में आंशिक फेरबदल किया है। पहले नौकरीपेशा लोगों की रिटर्न फाइल को मान लिया जाता था, लेकिन इस बार उसमें फेरबदल किया गया है। इसमें सालभर में मिली कुल तनख्वाह के साथ जिसमें छूट चाहिए, उसकी विस्तार से जानकारी देनी होगी। सारे दस्तावेजों का इस बार ऑनलाइन सत्यापन भी कराना होगा।
सैलरी का रिटर्न फाइल करना बहुत आसान था, लेकिन इस बार सैलरी रिटर्न में पूरी जानकारी देनी होगी। जैसे की कुल सैलरी और छूट जो क्लेम की गई। इस बार ऑनलाइन वेरिफिकेशन भी होगा, जिसमें आपको सभी प्रूफ स्कैन करके जमा करने पड़ सकते हैं। इस बार इनकम टैक्स रिटर्न जीएसटी से लिंक हो जाएगा। आप अपने आप जीएसटी के कवर आ जाएंगे। जीएसटी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो सकता है। यदि लिया है तो इनकम टैक्स रिटर्न में जीएसटी नंबर भी देना होगा। जीएसटी दिया गया या लिया गया रिफंड की डिटेल्स भी रिटर्न फाइल में देना होगा। सभी डिटेल्स रिटर्न में दिखाने होंगे।
देरी से रिटर्न भरा तो Rs.5 हजार जुर्माना
अब तक देरी से रिटर्न फाइल जमा करने पर किसी तरह की पेनाल्टी नहीं होती थी। इस बार से देरी से रिटर्न फाइल जमा करने पर आयकर दाता के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। उनके खिलाफ पांच हजार पेनाल्टी की कार्रवाई की जा सकती है। इसकी वजह से इस बार बहुत ही सोच समझकर रिटर्न फाइल करना होगा। नहीं तो परेशानी बढ़ सकती है।