कदम स्टेप में बच्चों को वापस लाएंगे स्कूल
शाला त्यागी बच्चों को स्कूल लाने के लिए कदम द स्टेप योजना शुरू हो रही है। 2016-17 में सर्वेक्षण हुआ था जिसमें 962 बच्चों ने स्कूल छोड़ा था। ऐसे बच्चों को वापस स्कूल लाने के लिए फिर से प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा इस इस सत्र के बच्चों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। इससे पहले ऐसे बच्चों का सर्वेक्षण होगा।
मिडिल स्कूल से ही पढ़ाई छोड़ देने वाले बच्चों को नए तरीके से पढ़ाया जाएगा। इसके लिए नॉन रेसीडेंशियल ट्रेनिंग सेंटर खुलेंगे। यहां पर बच्चों को उनके साथियों के साथ ही खेल-खेल में पढ़ा-लिखाकर शिक्षित किया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षित ट्रेनर नियुक्त किए जाएंगे। ऐसे सीखेंगे बच्चे. कदम पुस्तक में हिन्दी सीखने के लिए एक शब्द आठ बार लिखा होगा। इसी को देखकर स्कूली बच्चे कम से कम 20 बार लिखेंगे। गणित को भी सरलतम में पढ़ाया जाएगा। जैसे पैंसिल, अंगूर या चॉकलेट कुछ दोस्तों को दे दिए अब अपने हाथ में कितने बचेंगे। अंग्रेजी वर्णमाला के शब्दों को किस तरह से लिखना है, कौन से अक्षर को कैसे पैंसिल के आधार पर घुमाना है। इसके बारे में विस्तार से बताया जाएगा। जिससे बच्चों को लिखने और पढ़ने में आसानी होगी।
शिक्षा
अलग से बनेंगे रेसीडेंशियल ट्रेनिंग सेंटर जहां बच्चों को विशेष तरीके से पढ़ाएंगे
उत्तीर्ण होते ही नियमित स्कूलों में मिलेगा दाखिला
जिले में इस साल ऐसे बच्चों का सर्वे नहीं हुआ है। इस साल बच्चों की संख्या में बढ़ सकती है, हालांकि शुरुआत में पुराने बैच के बच्चों को इस योजना में शामिल करना है। प्राथमिक से माध्यमिक स्कूल तक के शाला बच्चे जब शिक्षित हो जाएंगे, तब उन्हें यहां नियमित स्कूलों में दाखिला दे दिया जाएगा। यहां से निकलने के बाद शासकीय 9वीं कक्षाओं में एडमिशन मिल जाएगा। जिससे वह आगे की पढ़ाई भी कर पाएंगे।