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मेडिकल कालेज से नौकरी छोड़कर जा रहे संविदा डाक्टरों को नियमित कर सकता है स्वास्थ्य विभाग

3 वर्ष पहले
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जिले के लखीराम मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को नौकरी छोड़ने से रोकने के लिए शासन मध्यप्रदेश की तर्ज पर नियमित करेगी। भास्कर ने सबसे पहले 22 अप्रैल के अंक में 71% खाली, 91 संविदा स्टाफ, 17 इस्तीफा देने को तैयार के शीर्षक से खबर प्रकाशित बताया था कि मध्यप्रदेश में नियमित नौकरी होने के कारण संविदा पर काम कर रहे डाक्टर नौकरी छोड़कर जाने की तैयारी में हैं।

मेडिकल कॉलेज में वर्षों से खाली पड़े प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों को सीधी भर्ती से भरा जाएगा। मेडिकल कॉलेज की स्वशासी समिति को भर्ती का अधिकार दिया जाएगा। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ एसएल आदिले ने बताया कि शनिवार को स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक की अध्यक्षता में हुई चिकित्सा शिक्षा संचालक, सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन की बैठक में यह फैसला लिया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ अशोक चंद्राकर जल्द प्रस्ताव बनाकर सचिव को सौंपेंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने मेडिकल कॉलेज के 17 संविदा डॉक्टर्स ने नौकरी छोड़ने का आवेदन करते हुए एनओसी मांगी थी। कुछ डाक्टर मध्यप्रदेश के मेडिकल कालेजों में नौकरी ज्वाइन कर चुके हैं। सभी को मध्यप्रदेश में नौकरी के अवसर थे | शेष पेज 18





क्योंकि वहां सीधी भर्ती को सरकार ने मंजूरी दे दी है।

इन विभागों में सीधी भर्ती के संकेत: लखीराम मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में 20 विभाग हैं। 18 में विभाग प्रमुख नहीं हैं। वहीं 91 प्रोफेसर संविदा नियुक्त पर काम कर रहे हैं। 70 प्रतिशत से ज्यादा पोस्ट अभी खाली पड़े हुए हैं। इनमें टीबी एंड चेस्ट विभाग, त्वचा रोग विभाग, फॉरेंसिक साइंस विभाग में मूल पदों पर खाली पद हैं। इन पर सीधी भर्ती हो सकती है।

डाक्टरों की कमी

स्वास्थ्य सचिव की बैठक में बना प्रस्ताव, स्वशासी समिति करेगी भर्ती

इसलिए नौकरी छोड़कर जा रहे थे

संविदा में सेवाएं देते हुए कई डाक्टरों को 3 साल से ज्यादा हो चुके हैं। लगभग सभी डॉक्टरों ने पीएससी से नियमित नौकरी पाने के प्रयास किए पर सफलता नहीं मिली। दरअसल आयोग से भर्ती का सिस्टम पेचीदा है। लिखित परीक्षा के साथ इंटरव्यू में भी अच्छे नंबर आने पर ही पोस्टिंग होती है। संविदा नौकरी इन डाक्टरों को असुरक्षित लगती है। मध्यप्रदेश में सीधी भर्ती होती है इसलिए यहां के डॉक्टर वहां जा रहे हैं। अब इन डॉक्टरों को रोकने के लिए भर्ती की पॉलिसी बदलने के प्रयास तेज हो गए हैं।

22 अप्रैल काे भास्कर में प्रकाशित समाचार

डॉक्टरों की कमी दूर करना जरूरी है

डॉक्टरों की भर्ती पर चर्चा करने के लिए शनिवार को सभी डीन की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में तय हुआ कि मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी दूर करना जरूरी है। इसके लिए डीएमई ने प्रस्ताव बनाकर स्वास्थ्य सचिव को सौंप दिए हैं। जल्द कोई नई व्यवस्था हो सकती है। डॉ एसएल आदिले, डीन, मेडिकल

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