बोतलबंद पानी और बर्फ फैक्ट्रियों में गंदगी, सील
बर्फ, आइस्क्रीम और बोतलबंद पानी की दर्जनभर फैक्ट्रियों में नगर निगम के दस्ते ने बुधवार को छापे मारे तथा गंदगी और बदइंतजामी पर इनमें से 4 को सील कर दिया गया।
बर्फ बनाने वाली तथा बोतलों-जार में पानी पैक करनेवाली फैक्ट्रियों की जांच में इस्तेमाल पानी दूषित पाया गया। आधा दर्जन फैक्ट्रियों में जहां गड़बड़ियां कम थीं, उन्हें जुर्माने के साथ हाईजीनिक कंडीशन सुधारने की चेतावनी दी गई है। निगम के दस्ते ने सबसे पहले रामनगर के रिमझिम आईसक्रीम कारखाने में छापा मारा। वहां जिस पानी से बर्फ बनाया जा रहा था, वह काफी गंदा था। बर्फ की सिल्लियां भी यहां-वहां रखी मिलीं। टीम ने तत्काल फैक्ट्री को सील कर दिया। दूसरी टीम गोगांव में गुुजरात बर्फ कारखाने पहुंची। कारखाने में आरओ प्लांट तो था, लेकिन उसका इस्तेमाल करने के बजाय सीधे टंकी से पानी लेकर बर्फ बनाई जा रही थी। इसे भी सील कर दिया गया। गोंदवारा में गंगाजल नाम की पानी पैकिंग फैक्ट्री में लाइसेंस भी नहीं था और टंकी में काफी गंदगी पाई गई। जिस पानी को बोतलों में भरकर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था, उसका पाइप ही लीक पाया गया। इसी सील करने के बाद वर्धमान नगर देवपुरी की सोनी बर्फ फैक्ट्री में छापा मारा गया और जांच में बर्फ जमाने के इस्तेमाल सांचे ही गंदे निकले। इसे भी सील कर दिया गया। भनपुरी के सुपर बर्फ कारखाने में काफी अव्यवस्था के कारण संचालक पर 8000 रुपए जुर्माना लगाया गया।
रामनगर में प्लाजा आईसक्रीम फैक्ट्री में गंदगी के बीच बर्फ बनाने के लिए 5 हजार रुपए जुर्माना किया गया। रामनगर में जिया बर्फ कारखाने पर भी 5 हजार का जुर्माना लगाया। गोंदवारा गंगा फुड एंड ब्रेवरेज तथा पहाड़ी चौक पर पानी बोतल बेचने वाली कंपनी बंडेलु ब्रेवरेज की सफाई जांची गई। गुरू गोविंद सिंह वार्ड के अतुल एक्वा में पानी की बोतलें गंदी जगहों पर रखी मिली। अतुल एक्वा के संचालक पर 5000 का जुर्माना लगाया। इसी तरह हिमाचल बर्फ कारखाना में भारी गंदगी व साफ-सफाई की कमी मिलने पर संचालक पर 5000 का जुर्माना लगाया।
टीम में ये थे शामिल
निगम कमिश्नर रजत बंसल ने मंगलवार को शहर में पानी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए अलग-अलग टीम का गठन किया। जोन 1,2,3,4 के लिए एक टीम में सब इंजीनियर अक्षय भारद्वाज, अजीत राठौर तथा जोन 5, 6, 7, 8 के में सब इंजीनियर सैय्यद जोहेब, अजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम बनायी गयी। जोन स्वास्थ्य विभाग, जोन राजस्व विभाग, जोन नगर निवेश के अमले ने मिलकर टीमों ने जांच की।